वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की दशा और चाल का प्रभाव हर एक व्यक्ति के जीवन पर अवश्य ही पड़ता है। ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी-अपनी अवधि के दौरान राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। ग्रहों के राशि परिवर्तन करने से दूसरे ग्रहों के साथ युति होती है जिससे कई तरह के राजयोग का निर्माण करते हैं। कुछ ही ऐसा ही योग इस समय बना हुआ है। आपको बता दें शनि अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं। शनि के साथ दूसरा ग्रह शुक्र भी अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला और वाणी के कारक ग्रह बुध भी अपनी मूल त्रिकोण राशि कन्या में मौजूद हैं। इस तरह से तीन प्रमुख ग्रहों के अपनी-अपनी मूल त्रिकोण राशि में होने से त्रिकोण नामक राजयोग का निर्माण हुआ है। इस तरह से इस त्रिकोण राजयोग बनने से कुछ राशि के जातकों के करियर, नौकरी और व्यापार में अच्छा खासा लाभ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं वह कौन-कौन सी राशियां हैं।