वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब-जब ग्रहों का गोचर होता है तो इसका प्रभाव सभी राशियों के ऊपर पड़ता है। ग्रहों के गोचर करने से कई तरह के राजयोगों का भी निर्माण होता है। भले ही दो शत्रु ग्रहों की आपस में युति होती है फिर भी कुछ शुभ योगों का निर्माण होता है। कुछ ऐसा ही योग शनि-सूर्य की युति से बनने वाला है। आपको बता दें कि शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में भ्रमण पर हैं और सूर्य देव 16 अगस्त को अपनी स्वयं की राशि सिंह में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश करते ही सूर्य और शनि दोनों ही एक दूसरे से 180 डिग्री पर मौजूद होंगे। यानि दोनों ही ग्रह एक दूसरे पर अपनी सातवीं द्दष्टि डालेंगे। ज्योतिष में जब इस तरह का योग बनता है तो उसे समसप्तक योग के नाम से जाना जाता है। इस योग से कुछ राशि वालों का भाग्य चमक सकता है। आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं वे राशियां।