ग्रहों में अति बलवान ग्रह राहु आज यानी बुधवार 23 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर अपनी मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके वक्री अवस्था में वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि के गोचर काल में राहु को सर्वाधिक बलवान माना गया है। राहु वृषभ राशि के स्वामी हैं। मिथुन राशि इनकी उच्च राशिगत राशि है तथा धनु राशि में इन्हें नीच संज्ञक माना गया है। वहीं केतु भी इसी समय पर धनु राशि की यात्रा समाप्त करके वृश्चिक राशि में प्रवेश रहे हैं जो पृथ्वीपुत्र मंगल की राशि है। किसी भी राशि पर भ्रमण के समय राहु 18 महीने गोचर करते हैं इसलिए फलित ज्योतिष में शनि के बाद इनके प्रभाव को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है।
यदि कुंडली में राहु की अशुभ स्थिति हो तो जातक को मानसिक पीड़ा, अनेकों परेशानियां, स्वास्थ्य संबंधी विकार और व्यवसायिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। बलवान राहु जातक को कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता दिलाते हैं। आध्यात्मिक उन्नति करते हैं। राजनीतिक सफलता तथा राजनेताओं से भी गहरे संबंध बनाते हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।