लगभग 18 महीने के बाद राहु मिथुन राशि की यात्रा समाप्त करके वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां ये अप्रैल 2022 तक विराजमान रहेंगे उसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। राहु और केतु हमेशा उल्टी गति से चलते हैं इसलिए यह कर्क राशि में जाने की बजाय पीछे चलकर वृषभ राशि में आ रहे हैं। यह राशि इनके गुरु, शुक्र की राशि है इस राशि में भी राहु सर्वाधिक बलवान होते है।
धार्मिक ग्रंथों में राहु को सर्वदा अपने भक्तों पर वैभव और बाहुल्य प्रदान करने को प्रस्तुत, मित्रवत एवं प्रेम से परिपूर्ण, चंदन पुष्प एवं क्षत्र से सुशोभित नीले रंग में व्यक्त, खड़क और खाल से सुशोभित दक्षिण दिशा की ओर मुंह किए हुए भद्रासन पर आसीन चारों ओर सिद्धियों से घिरे हुए गहरे नीले रंग के राहु हम पर कृपा करें, इस तरह से प्रार्थना की गई है। आपकी जन्मकुंडली के अनुसार राहु किस भाव में बैठे हैं। उनका प्रभाव कैसा रहेगा ! इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।