Mercury Retrograde in Cancer: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह एक निश्चित अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है। ग्रह राशि परिवर्तन करने के साथ-साथ मार्गी और वक्री भी होते रहते हैं। 22 अगस्त को बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध 22 अगस्त को कर्क राशि में वक्री होंगे फिर 28 अगस्त को कर्क राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध मिथुन और कन्या के स्वामी होते हैं, वहीं ये कन्या राशि में उच्च के और मीन राशि में नीच के होते हैं। बुध ग्रह तेज गति से चलने वाले ग्रह हैं ये एक राशि में करीब 25 दिनों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। बुध के वक्री होने से कई राशियों को अच्छा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं वक्री बुध से किन-किन राशि वालों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।