महान पराक्रमी ग्रह पृथ्वी पुत्र मंगल 6 सितंबर को सुबह 3 बजकर 56 मिनट पर सिंह राशि की यात्रा समाप्त करके कन्या राशि में प्रवेश किया है, जहां ये 22 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक गोचर करेंगे, उसके बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल कर्क राशि में नीच तथा मकर राशि में उच्चराशि गत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
मेष राशि-
राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर करते हुए मंगल आपको अच्छी सफलता और सामर्थ्य प्रदान करेंगे, शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग मिलेगा। आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी। स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है किंतु कार्य-व्यापार में अच्छी सफलता के योग बनेंगे। झगड़े विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले में में निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत। सरकारी सर्विस के लिए प्रयास करने का उत्तम अवसर।