वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह के राशि परिवर्तन करने से कई तरह के शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है। शुभ योग से जातकों के जीवन में सुख-समृद्धि और उन्नति की प्राप्ति होती है। आपको बता दें इस समय भी कुछ शुभ योगों का निर्माण हुआ है। दरअसल व्यापार, बुद्धि, वाणी और संस्कार के कारक ग्रह बुध अपनी स्वराशि मिथुन राशि में गोचर कर चुके हैं। ये 29 जून तक मिथुन राशि में रहेंगे। बुध के अपनी स्वराशि में गोचर करने के कारण कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।
बुध के अलावा ग्रहों के राजा सूर्य 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश कर गए हैं जिस कारण से बुधादित्य राजयोग बना हुआ है। इसके अलावा भद्र और लक्ष्मी नारायण योग भी बना हुआ है। सबसे खास बात है कि इस समय सभी ग्रह एक ही सीध में आ गए हैं जिसके कारण मालिका राजयोग का निर्माण भी हुआ है। आपको बता दें कि बुध और सूर्य के मिथुन राशि में होने के साथ शुक्र भी विराजमान हैं। वहीं कुंभ राशि में शनि, मीन राशि में राहु, कन्या राशि में केतु, मेष राशि में मंगल और वृषभ राशि में देवगुरु बृहस्पति विराजमान हैं। इस तरह से मालिका योग का निर्माण हुआ है। मालिका योग के कारण कई राशियों को अच्छा लाभ मिल सकता है। दरअसल वैदिक ज्योतिष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मालिका योग कुंडली में तकब बनता है जब सभी ग्रह लगातार 7 भावों में मौजूद हों। यानी कुंडली में सभी ग्रह एक के बाद एक माला की तरह नजर आए तो मालिका योग बनता है। ज्योतिष में मालिका योग का बहुत ही शुभ माना जाता है।