किसी जातक की कुंडली में तमाम तरह के दोष होते हैं, जिन्हें दूर करने के लिए अक्सर हमारे सामने जटिल से जटिल उपाय करने की सलाह दी जाती है। जिन्हें आम जीवन में किसी सामान्य जातक के लिए करना सहज और सरल नहीं होता है। ऐसे में ग्रहों के दोष की समस्या से अक्सर जातक चाहते हुए नहीं निकल पाता है। लेकिन इस समस्या का निदान हमारे शास्त्रों में बताया गया है। ग्रहों के दोष को दूर करने के लिए मंत्र जाप बहुत ही कारगर सनातनी उपाय है। आइए जानते हैं उन सरल और सिद्ध मंत्रों के बारे में जो आपके तमाम कष्टों को हर लेगा और परेशानियां आपके पास नहीं फटकेंगी। आपको सिर्फ अपने राशि से जुड़े मंत्र का जाप रोज १०८ मनकों की माला से एक माला से करना है। अपनी राशियों से जुड़े मंत्र को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —
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aries
- फोटो : aries
मेष - इस राशि के जातकों के स्वामी ग्रह मंगल हैं और मंगल ग्रह से आमतौर पर लोग डरते हैं, जबकि जिसका नाम ही मंगल हो वह भला किसी का अमंगल कैसे कर सकता है। मंगल देवता की कृपा पाने और उससे जुड़े दोष को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करें — ॐ भौं भौमाय नमः।
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taurus
- फोटो : taurus
वृषभ -
इस राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। शुक्र गृह को सुख, ऐश्वर्य, पति-पत्नी, प्रेम संबंध, और आनंद आदि का कारक ग्रह माना गया है। इस राशि के जातकों के लिए सफलता हेतु मंत्र है — ॐ शुं शुक्राय नम:।
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gemini sign
मिथुन -
इस राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बुध ग्रह के कमजोर होने से जातक को जिंदगी में तमाम तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अगर कुंडली में बुध बलवान हो तो उसे ढेर सारी खुशियों की सौगात मिल जाती है। इस राशि के जातकों के लिए मंत्र है — ॐ बुं बुधाय नमः।
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cancer sign
कर्क -
इस राशि के स्वामी ग्रह चंद्र हैं। चन्द्र देवता को सोम के नाम भी पुकारा जाता है। इस राशि के जातकों के लिए सफलता हेतु मंत्र है — ॐ सों सोमाय नमः।
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leo
- फोटो : leo
सिंह -
इस राशि के स्वामी सूर्य ग्रह हैं। सूर्य गृह ऊर्जा का प्रतीक है और साथ ही यह जातक को समाज में मान-सम्मान और यश की प्राप्ति कराता है। इस राशि के जातकों की सफलता हेतु मंत्र है — ॐ सूं सूर्याय नमः।
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virgo
कन्या -
इस राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बुध ग्रह के कमजोर होने से जातक को जिंदगी में तमाम तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अगर कुंडली में बुध बलवान हो तो उसे ढेर सारी खुशियों की सौगात मिल जाती है। इस राशि के जातकों के लिए मंत्र है — ॐ बुं बुधाय नमः।
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libra
तुला -
इस राशि के स्वामी ग्रह शुक्र हैं। शुक्र गृह को सुख, ऐश्वर्य, पति-पत्नी, प्रेम संबंध, और आनंद आदि का कारक ग्रह माना गया है। इस राशि के जातकों के लिए सफलता हेतु मंत्र है — ॐ शुं शुक्राय नम:।
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scorpio
वृश्चिक -
इस राशि के जातकों के स्वामी ग्रह मंगल हैं और मंगल ग्रह से आमतौर पर लोग डरते हैं, जबकि जिसका नाम ही मंगल हो वह भला किसी का अमंगल कैसे कर सकता है। मंगल देवता की कृपा पाने और उससे जुड़े दोष को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करें — ॐ भौं भौमाय नमः।
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sagittarius
धनु -
इस राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं। आमतौर पर गुरु ग्रह शुभ फल ही प्रदान करता है, लेकिन यदि गुरु गृह किसी पापी गृह के साथ बैठ जाये तो कभी-कभी अशुभ संकेत भी देने लगता है। इस राशि के जातकों के लिए मंत्र है — ॐ गुं गुरवे नम:।
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capricorn
मकर -
इस राशि के स्वामी शनिदेव हैं। शनिदेव आपके द्वारा किये गये कर्मो का फल प्रदान करने वाले हैं। इन जातकों के लिए शनि देव की कृपा पाने का मंत्र है — ॐ शं शनैश्चराय नमः।
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aquarius
कुंभ -
इस राशि के स्वामी भी शनिदेव हैं। शनिदेव आपके द्वारा किये गये कर्मो का फल प्रदान करने वाले हैं। अत: इन जातकों के लिए शनि देव की कृपा पाने का मंत्र है — ॐ शं शनैश्चराय नमः।
मीन -
इस राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं। आमतौर पर गुरु ग्रह शुभ फल ही प्रदान करता है, लेकिन यदि गुरु गृह किसी पापी गृह के साथ बैठ जाये तो कभी—कभी अशुभ संकेत भी देने लगता है। इस राशि के जातकों के लिए मंत्र है — ॐ गुं गुरवे नम:।