मंगल ग्रह का गोचर 4 मई को है। यह मकर से कुंभ राशि में जा रहा है और यहां 18 जून तक बैठा रहेगा। जब कोई भी ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करता है तो उसका शुभाशुभ प्रभाव सभी जीव-जंतुओं पर पड़ता है। इसलिए मंगल की चाल का प्रभाव भी हम सबके ऊपर पड़ेगा। मंगल एक क्रूर ग्रह है। क्रोध, ऊर्जा, हिंसा, लड़ाई-झगड़े इसकी प्रकृति में शामिल है। इसके साथ ही यह व्यक्ति के साहस, पराक्रम, शौर्य को भी दर्शाता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। यह शनि की राशि मकर में उच्च का और चंद्रमा की राशि कर्क में नीच का माना जाता है।