प्रतीकात्मक तस्वीर
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हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन को सबसे पहले अग्नि देव को समर्पित किया जाता है। इसके बाद पंचवालिका विधान किया जाता है, जिसमें गाय, कौए, चींटी और देवताओं के लिए भोजन निकाला जाता है। इसके अलावा भोजन करने से पहले इस मंत्र को जरूर पढ़ना चाहिए। मान्यता है कि इसके जाप से देवी-देवता और अन्न देवता की कृपा सदा हम पर बनी रहती है।
भोजन मंत्र
ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना।।
ॐ सह नाववतु।
सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु।
मा विद्विषावहै॥
ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥