फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भोजन करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान, मिलेगी जिंदगी में खूब कामयाबी

Mon, 12 Jul 2021 05:08 PM IST
संकल्प सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
भोजन हमारे जीवन का काफी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही हमारी समस्त ऊर्जा का स्त्रोत है। हिंदू धर्म में भोजन को लेकर कई विशेष नियम बताए गए हैं। भोजन कैसे करना चाहिए? भोजन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? खाना खाते वक्त क्या करना चाहिए? और क्या नहीं करना चाहिए? इन सब बातों का उल्लेख हमें अपने पौराणिक शास्त्रों में मिलता है। हमारे यहां पर खाना खाने से पहले तीन बार जल छिड़कने की परंपरा रही है। मान्यता है कि इससे अन्न देवता खुश होते हैं। हालांकि इसके पीछे का एक वैज्ञानिक कारण भी है। पहले के समय में लोग जमीन पर बैठ कर खाना खाने से पहले आचमान जरूर करते थे। इस कारण खाने के चारों तरफ पानी का घेरा बन जाता था। इसके चलते जमीन पर रखी थाली के पास कोई कीटाणु नहीं आता था। इसी कड़ी में आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में, जिनका भोजन करते समय खास ध्यान रखना चाहिए।  
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हमारे पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भोजन को एक शुद्ध जगह पर बनाना चाहिए। शुद्ध जगह पर बने भोजन में ताजगी रहती है। अगर भोजन को माता, पत्नी या फिर कोई कन्या बना रही है, तो इस भोजन का सकारात्मक असर पड़ता है। इससे जीवन में उन्नति होती है।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
हिंदू मान्यता के अनुसार भोजन को सबसे पहले अग्नि देव को समर्पित किया जाता है। इसके बाद पंचवालिका विधान किया जाता है, जिसमें गाय, कौए, चींटी और देवताओं के लिए भोजन निकाला जाता है। इसके अलावा भोजन करने से पहले इस मंत्र को जरूर पढ़ना चाहिए। मान्यता है कि इसके जाप से देवी-देवता और अन्न देवता की कृपा सदा हम पर बनी रहती है। 

भोजन मंत्र

ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना।।

ॐ सह नाववतु।
सह नौ भुनक्तु।
सह वीर्यं करवावहै।
तेजस्विनावधीतमस्तु।
मा विद्विषावहै॥
ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पंचवालिका के बाद यदि घर में किसी अतिथि का आगमन होता है, तो उसे भोजन जरूर कराना चाहिए। अतिथि के लिए उसी समय ताजा-ताजा भोजन बनाएं और बनाए गए भोजन का उसे खुशी से खिलाइए।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भोजन कैसा भी क्यों ना बना हो? खाते वक्त उसकी कभी भी निंदा नहीं करनी चाहिए। भोजन को ईश्वर का प्रसाद समझकर खा लेना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में कई सकारात्मक असर पड़ते हैं। भोजन बनाने वाले और उसको खाने वाले दोनों लोगों का मन प्रसन्न रहना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें