करवा चौथ का इंतजार हर सुहागिन को होता है और ये इंतजार तब और भारी पड़ जाता है जब समय पर चांद का दीदार नहीं हो पाता। दरअसल, करवा चौथ पर महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चांद का दीदार करने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। लेकिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं ने सुहागिनों को व्रत खोलने का मौका ही नहीं दिया, यानी चांद का दीदार ही नहीं हुआ। आसमान में बादल छाए हुए हैं और कभी तेज तो कभी हल्दी बारिश हो रही है। मौसम के इस मिजाज को देखकर ऐसा लगता नहीं है कि चांद का दीदार हो पाएगा और अगर होगा भी तो कब होगा, यह तो किसी को नहीं पता। ऐसे में मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि बिना चांद देखे आखिर कैसे व्रत खोला जा सकता है? क्या यह संभव है कि बिना चांद के दर्शन किए व्रत तोड़ा जाए?