फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालसर्प दोष कितना खतरनाक, जानिए इसके संकेत और दोष दूर करने के उपाय

Sat, 16 May 2020 07:51 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
काल सर्प
ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कालसर्प दोष को बहुत ही हानिकारक बताया गया है। कालसर्प दोष होने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कोई भी काम आसानी से नहीं होता। धन की हानि होने लगती है। ज्योतिष के अनुसार,  कुंडली में 12 प्रकार के काल सर्प दोष बनते हैं। 
Shani Dev Jayanti 2020: 22 मई को शनि जयंती, जानिए इस दिन से जुड़ी विशेष बातें
विज्ञापन

2 of 5
काल सर्प - फोटो : social media
कालसर्प दोष 
जब किसी जातक की कुंडली में राहु और केतु के बीच में सारे ग्रह आ जाते हैं तब कुंडली में कालसर्प दोष बनता है। ज्योतिष के अनुसार,  कुंडली में 12 प्रकार के काल सर्प दोष बनते हैं। अनंत कालसर्प योग, कुलिक कालसर्प योग, वासुकी कालसर्प योग, शंखपाल कालसर्प योग, पद्म कालसर्प योग,महापदम कालसर्प योग,  तक्षक कालसर्प योग, कर्कोटक कालसर्प योग,शंखनाद कालसर्प योग,पातक कालसर्प योग, विषधर कालसर्प योग, शेषनाग कालसर्प योग।
विज्ञापन

3 of 5
काल सर्प
कालसर्प दोष के संकेत
अगर किसी व्यक्ति के ऊपर कालसर्प दोष है तो उसको लगभग 42 वर्ष के बाद ही सफलता प्राप्ति होती है। कालसर्प दोष होने शत्रुओं की संख्या बढ़ जाती है। सेहत में गिरावट आने लगती है। कालसर्प दोष होने व्यक्ति को बुरे सपने आने लगते हैं जिसमें बार-बार मृत्यु के सपने, सपनों में सांपों का दिखाई देना शुरू हो जाता है। व्यापार में लगातार हानि होने लगती है। विवाह में देर होती है। मानसिक एवं शारीरिक कष्ट बढ़ने लगते हैं। पैतृक संपत्तियां धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। धोखा मिलने की संभावना बढ़ जाती है।  बुरे स्वप्न एवं अनिद्रा रोग की समस्या का सामना करना पड़ता है और कोर्ट कचहरी का सामना करना पड़ता है।

4 of 5
काल सर्प
कब-कब बनता है कालसर्प योग
जब भी राहु की महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतर्दशा आती है तब कालसर्प योग बनता है। इसके अलावा जब भी गोचर के दौरान राहु अशुभ भाव में चलता है तो काल सर्प योग का निर्माण होता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
काल सर्प - फोटो : social media
कालसर्प दोष दूर करने के उपाय
- चांदी की धातु से बनी नाग के आकृति की अंगूठी को उंगली में धारण करें।
- प्रतिदिन भगवान विष्णु की आराधना करने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है।
- शनिवार के दिन बहते हुए जल में कोयला का टुकड़ा प्रभावित करने से यह दोष दूर होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें