शनि देव बहुत ही धीमी गति से एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं, जिसके कारण शनि की ढैया या साढ़ेसाती लगती है।शनि की वक्र दृष्टि होने या फिर कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव के कारण जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित किया जाता है। इस दिन शनिदेव के उपाय करने और पूजा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। शनि दोष के बुरे प्रभावों से बचने और शनिदेव की कृपा पाने के लिए ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करने से आप शनि के दुष्प्रभावों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। जानते हैं शनि के प्रभावों से मुक्ति पाने के उपाय...