फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव से आती है रिश्तों में दरार, जानें उपाय

Thu, 03 Jun 2021 11:22 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
ग्रह नक्षत्र
रिश्तें ये केवल एक शब्द नहीं बल्कि व्यक्ति के जीवन की पूंजी होते हैं। हर रिश्ते की अपनी एक अलग खूबसूरती होती है। अच्छे रिश्ते व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाते हैं तो वहीं खराब रिश्तें आपको दुखी कर देते हैं, इसलिए रिश्तों को प्यार की डोर में पिरोकर रखना आवश्यक होता है परंतु कई बार बहुत प्रयास करने पर भी रिश्तों में दरार आने लगती है, जिसके कारण व्यक्ति को दुख और तनाव का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि हर रिश्ते का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है। माना जाता है कि जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती है तो इसका विपरीत प्रभाव रिश्तों पर भी पड़ता है। फलस्वरूप आपके रिश्तों में दरार आ सकती हैं। जानते हैं कि किस तरह है रिश्तों का ग्रहों से संबंध और क्या उपाय करके रिश्तों को मधुर बना सकते हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
ज्योतिष में सूर्य को राजा का दर्जा दिया गया है। सूर्य को स्वास्थ्य, यश कीर्ति और पिता का कारक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति सही न हो तो उसे मान-सम्मान की हानि होती है साथ ही व्यक्ति को पिता के साथ मतभेद बने रहते हैं। ऐसे में प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए और अपने पिता एवं गुरूजनों की सम्मान करना चाहिए।
विज्ञापन

3 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। चंद्रमा व्यक्ति को मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्रदान करता है। चंद्रमा को मां से जोड़कर देखा जाता है। यदि किसी कि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति सही न हो तो स्त्री पक्ष से कष्ट हो सकता है। मां के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है। चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए शिव जी की पूजा करनी चाहिए और अपनी माता का सदैव सम्मान करना चाहिए।

4 of 7
मंगल ग्रह - फोटो : Pixabay
ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह से पराक्रम, साहस और भवन-भूमि का कारक माना जाता है। मंगल की अशुभता होने के कारण व्यक्ति का अपने भाई बहनों के साथ झगड़ा बना रहता है। कई बार क्रोध की अधिकता का कारण कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं। यदि किसी की कुंडली में मंगल खराब है तो उसे लाल चीजों का दान करना चाहिए साथ ही अपने व्यवहार को नम्र रखना चाहिए। खासतौर पर अपने बड़े भाई से हमेशा सम्मान से बात करनी चाहिए।
विज्ञापन

5 of 7
Mercury Planet
ज्योतिष में बुध ग्रह से तीव्र बुद्धि, वाकपटुता का कारक माना गया है। जिस व्यक्ति का बुध कमजोर होता है उसकी बुद्धि और वाणी पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही इसका प्रभाव ननिहाल पक्ष के रिश्तों पर पड़ सकता है। बुध को मजबूत बनाने के लिए हरी चीजों का दान करना चाहिए और पौधे लगाने चाहिए। अपने ननिहाल से संबंधों को मधुर रखने की कोशिश करनी चाहिए।
विज्ञापन

6 of 7
गुरु ग्रह
ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को गुरु भी कहा जाता है। बृहस्पति को विद्या, ज्ञान, अध्यात्म और समृद्धि का कारक माना जाता है। यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति खराब हो तो इसे गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल चढ़ाना चाहिए और शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। अपने गुरूजनों और बड़े बुजुर्गों का सम्मान एवं सेवा करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
venus planet
ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, ऐश्वर्य, धन-संपदा और दांप्तय सुख का कारक माना गया है। यदि किसी की कुंडली में शुक्र कमजोर होता है तो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के साथ उसके प्रेम संबंध और दांपत्य जीवन में दरार आने लगती है। शुक्र को मजबूत बनाने के लिए स्त्री का सम्मान करना चाहिए और अपने तन के साथ मन को भी स्वच्छ रखना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें