ज्योतिशास्त्र के अनुसार कुल 12 राशियां और 9 ग्रह होते हैं। ग्रहों और राशियों के मेल से ही किसी जातक का भाग्य तय होता है। हर राशि के एक अपना स्वामी ग्रह होता है। जिसका प्रभाव उस राशि के जातकों पर पड़ता है। ग्रहों के चाल में परिवर्तन से अलग-अलग राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है। ग्रहों में मंगल का विशेष स्थान होता है। जब-जब मंगल ग्रह में परिवर्तन होता है इसका व्यापक प्रभाव उन राशियों के जातकों पर पड़ता जरूर पड़ता जिसके स्वामी स्वयं मंगल होता है। मंगल को ग्रहों का सेनापति कहते है। मंगल मेदिनी ज्योतिष के लिए भी और फलित ज्योतिष के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। नौ ग्रहों में इन्हें सेनापति का स्थान प्राप्त है इसलिए इन्हें सेना, पुलिस विभाग, इंजीनियरिंग, आग्नेयास्त्रों के विभाग आदि का प्रमुख कारक माना गया है। आइए जानते हैं मंगल किन राशियों के लिए भाग्यशाली होते हैं।