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गरुड़ पुराण: इन कामों को करने से भरें रहते हैं अन्न-धन के भंडार, जीवन में मिलती है कामयाबी

Sat, 19 Jun 2021 11:30 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

अन्नदान, पितरों का श्राद्ध, और कुलदेवी-देवताओ की पूजा आदि कार्यों को करने से ईश्वर और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : google
हिंदू धर्म शास्त्रों में मनुष्य के जीवन को सुगम और सुखकारी बनाने के लिए बहुत सारी महत्पूर्ण बातों का जिक्र किया गया है। पहले के समय में लोग इन बातों और नियमों का विशेष ध्यान रखते थे लेकिन आज के समय में बढ़ती आधुनिकता और जीवन की दौड़ में लोगों के पास इतना समय नहीं है कि वे नियमों का पालन कर पाएं। गरुड़ पुराण 18 पुराणों में विशेष स्थान रखता है। इसमें भगवान विष्णु की भक्ति और व्यक्ति के जन्म मरण के बारे में विस्तार से बताया गया है। गरुड़ पुराण में ऐसे नियम भी बताए गए हैं जिन्हें करने से व्यक्ति का जीवन अन्न और धन से परिपूर्ण रहता है एवं जीवन मे खुशहाली व कामयाबी मिलती है। यदि मनुष्य इन नियमों का पालन अपने जीवन में करें तो जीवन में आने वाली बहुत सी समस्याओं से बच सकता है और विपरीत परिस्थितियों को भी आसानी से पार कर लेता है। जीवन में सुख-समृद्धि एवं तरक्की की प्राप्ति होती है। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
कुलदेवता का पूजन और पितरों का श्राद्ध
हिंदू धर्म में ज्यादातर लोगों को कुलदेवी-देवता यानी परिवार के आराध्य देव होते हैं। गरुड़ पुराण के मुताबिक मनुष्य को प्रमुख दिनों और अन्य तिथियों पर भी इनका पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे कुलदेवता प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से आप और पूरा परिवार सदैव खुशहाल रहता है। इसी के साथ व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विधि-विधान से उनका तर्पण और श्राद्ध करना चाहिए। श्राद्ध और तर्पण से पितर तृप्त होते हैं जिससे प्रसन्न होकर वे अपना आशीर्वाद बनाए रखतें हैं जिससे आपका परिवार खूब फलता-फूलता है और परिवार के सदस्य जीवन में खूब तरक्की प्राप्त करते हैं। इन दो कामों को अवश्य करना चाहिए। जिन घरों में ये कार्य नहीं होते हैं उनके जीवन में समस्याएं और संकट बने रहते हैं।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
भगवान को भोग लगाना
घर में भोजन बनाने के बाद सबसे पहले भगवान के लिए पहला कौर निकालना चाहिए और उन्हें श्रद्धा पूर्वक भोग लगाना चाहिए। जिस घर में प्रतिदिन खाना बनने के बाद सबसे पहले भगवान को भोग लगाना जाता है वहां पर कभी भी अन्न की कमी नहीं होती हैं। घर में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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अन्न दान करना (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अन्नदान करना
अन्न दान को महादान माना गया है। कहा जाता है कि किसी भूखे व्यक्ति की क्षुधा शांत करने से ज्यादा पुण्य का कोई काम नहीं होता है। जिन घरों में जरुरतमंद लोगों के अन्नदान किया जाता है उनके यहां सदैव अन्न के भंडारे भरे रहते हैं। ऐसे लोगों के परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी तरक्की प्राप्त होती है।
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