(प्रतीकात्मक तस्वीर)
कुलदेवता का पूजन और पितरों का श्राद्ध
हिंदू धर्म में ज्यादातर लोगों को कुलदेवी-देवता यानी परिवार के आराध्य देव होते हैं। गरुड़ पुराण के मुताबिक मनुष्य को प्रमुख दिनों और अन्य तिथियों पर भी इनका पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे कुलदेवता प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से आप और पूरा परिवार सदैव खुशहाल रहता है। इसी के साथ व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विधि-विधान से उनका तर्पण और श्राद्ध करना चाहिए। श्राद्ध और तर्पण से पितर तृप्त होते हैं जिससे प्रसन्न होकर वे अपना आशीर्वाद बनाए रखतें हैं जिससे आपका परिवार खूब फलता-फूलता है और परिवार के सदस्य जीवन में खूब तरक्की प्राप्त करते हैं। इन दो कामों को अवश्य करना चाहिए। जिन घरों में ये कार्य नहीं होते हैं उनके जीवन में समस्याएं और संकट बने रहते हैं।