वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे की अहम जानकारियां लेने के उद्देश्य से इटली गई सीबीआई की टीम ने मंगलवार को अपने वकील से मुलाकात की। उच्चस्तरीय सीबीआई सूत्रों के अनुसार यह मुलाकात ‘उपयोगी’ रही।
सीबीआई और रक्षा मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को इटली गया था। इटली की अदालत में इस सौदे को लेकर हेलीकॉप्टर कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व सीईओ गियूसेप्पी ओरसी के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि कंपनी ने भारत से 3600 करोड़ रुपये का यह सौदा हासिल करने के लिए 362 करोड़ रुपये की घूस दी थी। भारत सरकार सौदे और मुकदमे की विस्तृत जानकारी चाहती है, लेकिन इटली अपने कानून का हवाला देकर इससे इंकार करता रहा है। ऐसे में सीबीआई ने इटली के कानून को समझने और कानूनी ढंग से अपना पक्ष रखने के लिए रोम में वकील किया है।
सूत्रों के अनुसार जरूरत पड़ी तो सीबीआई अपने वकील के माध्यम से इटली की अदालत में जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन भी करेगी। इससे पहले रोम स्थित भारतीय दूतावास इटली की अदालत से ‘सकारात्मक सहयोग’ पाने में नाकाम रहा था। इंटरपोल भी सुबूतों के अभाव में अपने हाथ खड़े कर चुका है। अब भारत की उम्मीदें इस वकील पर टिकी हैं।
फिनमेकानिका ने कहा भारत से करेंगे सहयोग
वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घूस मामले की सबसे प्रमुख कंपनी फिनमेकानिका ने मंगलवार को यहां जारी एक वक्तव्य में कहा कि वह 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे की जांच में भारत के साथ हर प्रकार का सहयोग करेगी। कंपनी ने कहा है कि बीते 40 वर्षों में उसने भारत में किए किसी भी सौदे में गैर कानूनी रास्ता नहीं अपनाया। कंपनी भारत के कानून का सम्मान करती है और सदा अपनी नैतिक बाध्यताओं का निर्वाह करती रही है।