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अमरोहा का आतंकी कनेक्शन एक बार फिर उजागर

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पहले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले आतंकवादियों से ताल्लुकात साबित होने के बाद अब एक बार फिर अमरोहा जिले के लिसड़ी गांव के एक युवक के ताल्लुकात बंगलादेशी आतंकवादी संगठन हूजी (हरकत उल जिहाद उल इस्लामी) से होने का खुलासा हुआ है। इससे सेंट्रल इंटेलिजेंस द्वारा बार बार अमरोहा के आतंकी कनेक्शन होने के अंदेशे को बल मिलने लगा है।
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अमरोहा के कुछ और लोगों के भी आतंकवादी संगठनों से संबंध होने की खुफिया विभाग को आशंका है। बता दें कि बांग्लादेशी नागरिक शौकत अली हूजी के दिल्ली मॉड्यूल का सरगना है। दिल्ली पुलिस ने शौकत अली  को सराय काले खां से गिरफ्तार किया है। शौकत अली वर्ष 2008 से सराय काले खां में मच्छरदानी बनाने की फैक्टरी चलाता है।

पुलिस ने शौकत की निशानदेही पर उसके भतीजे सुलेमान (23) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि गजरौला के गांव लिसदी खुर्द निवासी सद्दाम हुसैन (21) और ओखला निवासी मोहम्मद इबने सुल्तान (64) सउदी अरब के देशों का वीजा का इंतजाम करते हैं।
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अमरोहा जिले के युवक का नाम हूजी आतंकवादियों को मदद करने में शामिल होने और उसकी गिरफ्तारी से एक बार फिर जिले में आतंकियों से किसी न किसी के कनेक्शन होने की आशंका है। यह लोग फर्जी पासपोर्ट बनवाने का काम करते हैं। पहले भी खुफिया विभाग अमरोहा से आतंकी कनेक्शन की आशंका जता चुका है।

पांच युवकों से नहीं महज रियाज से पूछताछ

पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि केवल शक के दायरे में आए रियाज रसीद से ही पूछताछ की जा रही है। बाकी जिन चार युवकों का जिक्र किया जा रहा है उन्हें पहले दिन ही छोड़ा जा चुका है।

अधिकारियों ने मल्लिका होटल से उठाए गए पांच में से चार युवकों के संभल का निवासी होने को भी झूठा और मनगढंत बताया है। खुफिया विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पांच आतंकियों के पकड़े जाने की बात मनगढंत है।

शहर को बेवजह आतंक का गढ़ साबित करने की कुछ लोगों की कोशिश पर भी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां खफा हैं। एक अधिकारी ने जेल में पश्चिम बंगाल के कैदी से एक नक्शा बरामद होने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि जब तक कुछ साबित न हो किसी को भी महज शक की बुनियाद पर आतंकी कह देना गैरजिम्मेदाराना हरकत है।

अधिकारी का कहना है कि जेल में पश्चिम बंगाल के कैदी से उसके घर के रूट का नक्शा मिलने के बाद कुछ लोगों ने उसे सनसनी बनाते हुए राष्ट्रपति भवन पर आतंकी हमले की साजिश के रूप में प्रचारित कर डाला था। जबकि जांच में कुछ नहीं निकला था।

आईबी की हाई लेवल टीम ने की रियाज से पूछताछ

होटल में पकड़े गए केरल के रियाज से दिल्ली से पहुंची आईबी की उच्च स्तरीय टीम पूछताछ कर रही है। लेकिन फिलहाल एजेंसियां ऐसा कोई भी राज रियाज रसीद उर्फ दिन्रेशन से नहीं उगलवा सकी हैं जिससे आतंकियों के साथ उसका रिश्ता साबित होता हो। अलबत्ता एजेंसियों को उसकी बताई कुछ बातों में गड़बड़ी की आशंका है।

रियाज के मोबाइल नंबर की सीडीआर को भी फिल्टर किया जा रहा है। अलबत्ता खुफिया विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि रियाज उर्फ दिनेशन के साथ पकड़े गए चारों युवक संभल के नहीं बल्कि मालदीव के नागरिक थे और पहले दिन ही क्लीन चिट देकर उन्हें छोड़ा जा चुका है।

कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन रोड स्थित मल्लिका होटल में सोमवार की रात सीओ एलआईयू ने पुलिस के साथ छापा मारकर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनमें से चार युवक विदेशी नागरिक थे और गृह मंत्रालय की ओर से क्लीन चिट मिलने के बाद मंगलवार दोपहर चारों को छोड़ दिया गया था। लेकिन पांचवें युवक केरल के रियाज रसीद उर्फ दिनेशन के जवाबों से खुफिया एजेंसी और पुलिस संतुष्ट नहीं थी। लिहाजा उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कोतवाली से एक सिपाही केरल रवाना किया जा चुका है जो दिनेशन उर्फ रियाज के घर पहुंचकर उसके द्वारा दी गई जानकारियों का सत्यापन करेगा। इधर, शुक्रवार को दिल्ली से एसपी के नेतृत्व में पांच सदस्य आईबी की टीम मुरादाबाद पहुंची। रियाज से पूछताछ की। पूरा जोर रियाज रसीद के मोबाइल नंबर की डिटेल को छानने पर है।
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कब-कब रहा है आतंकियों से संबंध

वर्ष 2005 बनारस बम कांड-एसटीएफ ने वर्ष 2006 के अप्रैल माह में  इस कांड में संलिप्त अमरोहा के मोहल्ला चिल्ला और कोट हौदड़िया के मोहम्मद  रिजवान व मोहम्मद शाद को गिरफ्तार किया था।

सेना की जानकारी लीक करना-सेना  से जुड़ी जानकारी देने के मामले में मई 2006 में फरीदाबाद पुलिस ने डिडौली  कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से एक एजेंट को पकड़ा था।

लखनऊ, फैजाबाद, बनारस की अदालतों में सीरियल बम विस्फोट-नवंबर  माह में इन शहरों की अदालतों में हुए सीरियल बम विस्फोट में संलिप्त हूजी  के कमांडर मोहम्मद खालिद को लखनऊ एसटीएफ ने वर्ष 2007 में पकड़ा था। मोहम्मद खालिद ने शहर के एक मदरसे में वर्ष 2001-02 में तालीम हासिल की थी।

रुपये ट्रांसफर करना-वर्ष 2015 में आसिफ नाम का एक आतंकी मेरठ में पकड़ा गया था, जिसने जोया की एसबीआई शाखा से रुपये ट्रांसफर किए थे।
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