मथुरा में एबीसीडी की जगह मासूमों को अश्लीलता का पाठ पढ़ाता मास्टर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। बच्चों ने शिक्षक की करतूत घरवालों को बताई थी। घरवाले स्कूल पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसके बाद आरोपी मास्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी शिक्षक खुद भी बीएससी द्वितीय वर्ष में पढ़ाई करता है।
कृष्णानगर चौकी क्षेत्र के सौंख रोड स्थित निजी जूनियर हाईस्कूल में जितेन्द्र गौतम नाम का गणित का शिक्षक है। वह कक्षा में ही अपने मोबाइल में अश्लील फिल्म देखता था और छात्र-छात्राओं को भी दिखाता था। इसकी शिकायत कक्षा चार के बच्चों ने अपने घर पर की। गुरुवार को सुबह 11 बजे परिवारीजन स्कूल पहुंच गए। शिक्षक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंचीं प्रधानाचार्य ने जितेन्द्र गौतम को कमरे में बंद कर दिया। मामले की सूचना पर पुलिस पहुंची और जितेन्द्र को हिरासत में ले लिया। उसका मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। मामले में स्कूल प्रधानाचार्य ने शिक्षक जितेन्द्र गौतम के खिलाफ तहरीर दी है।
तहरीर पर छेड़खानी और पोस्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। शिक्षक के पास दो मोबाइल बताए गए हैं। पुलिस ने एक मोबाइल कब्जे में ले लिया है। उसमें कोई अश्लील क्लिपिंग नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल से क्लिपिंग डिलीट की गई हैं तो उनको रिकवर कराया जाएगा। दूसरा मोबाइल बरामद नहीं हुआ है, उसकी तलाश की जा रही है।
बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है शिक्षक
सौंख रोड स्थित स्कूल में छात्र-छात्राओं को मोबाइल में अश्लील फिल्म दिखाने का आरोपी शिक्षक जितेंद्र गौतम (20) भरतपुर रोड स्थित डिग्री कालेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। जेब खर्च निकालने के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह पर नौकरी कर रहा था। आरोपी ने बताया कि उसने 20 दिन पूर्व ही स्कूल में नौकरी ज्वाइन की थी। अब तक पहली तनख्वाह भी न मिल पाई थी कि उसे हवालात का मुंह देखना पड़ गया।
सीसीटीवी रिकार्डिंग, मोबाइल की होगी जांच
कृष्णानगर क्षेत्र के जिस स्कूल में शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों को अश्लील फिल्म दिखाने की घटना हुई उसमें सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटना की हकीकत जानने के लिए सीओ सिटी अनिल यादव ने सीसीटीवी कैमरों की हार्डडिस्क और शिक्षक के मोबाइल की जांच कराने के निर्देश दिए। सर्विलांस टीम ने हार्डडिस्क और मोबाइल की जांच शुरू कर दी है।
घटना में शिक्षिका की चर्चा
मामले में एक शिक्षिका की भी चर्चा है। बताया गया कि आरोपी शिक्षक जितेन्द्र गौतम और एक शिक्षिका दोनों मिलकर मोबाइल में अश्लील फिल्म देखते थे। स्कूल की वह शिक्षिका भी इंटरमीडिएट है और शिक्षक की हमउम्र है। स्कूल से जुड़े सूत्र ने बताया कि जितेन्द्र गौतम के पास एक छोटा और एक बड़ा मोबाइल था। बड़े मोबाइल में दोनों अश्लील फिल्म देखते थे। जिस वक्त छात्रों के परिवारीजन आए और शिक्षक से पूछताछ और मारपीट हुई तो उसी दौरान शिक्षिका बड़े वाले मोबाइल को ले गई। पुलिस को जितेन्द्र से जो मोबाइल बरामद हुआ है उसमें अश्लील फिल्म नहीं बताई जा रही है। पुलिस ने बड़े मोबाइल को लेकर शिक्षिका को चौकी बुलाया और मोबाइल के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने अनभिज्ञता जता दी। अब पुलिस उस बड़े व अश्लील फिल्म वाले मोबाइल को बरामद करने का प्रयास कर रही है। सीओ सिटी अनिल यादव ने बताया कि पुलिस को जितेन्द्र का छोटा मोबाइल मिला है। उसको कंप्यूटर से अन डिलीट कराकर पुराने डाटा को रिकवर कराकर जांच कराई जा रही है।
मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक रखने का कोई मानक नहीं
आंख बंद कर गली कूचों ने स्कूल संचालन की दी गई मान्यता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सौंख रोड स्थित जिस स्कूल में शिक्षक कक्षा में छात्र-छात्राओं को अश्लील फिल्म दिखा रहा था वह बीएससी का छात्र हैं और उसे ढाई हजार रुपये माहवार पगार मिलती थी। वह गणित का स्पेशल टीचर के पद पर नियुक्त था। उसके साथ चर्चा में आ रही एक शिक्षिका भी इंटरमीडिएट बताई गई है। उसे स्कूल संचालिका दो हजार मासिक पगार देती हैं।