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ये लड़की कभी थी रेप पीड़िता, आज है 'दबंग दीदी'

Mon, 13 Jul 2015 10:18 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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सब कुछ कभी खत्म नहीं होता। खास तौर से जब उम्मीदें जिंदा हों तब तो बिल्कुल भी नहीं। 4 साल पहले तात्कालीन विधायक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। लेकिन अब वो कहती है कि 'अब हम मरने से नहीं डरते।
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ठान लिएं हैं कि पोस्ट मार्टम के लिए हमारी बॉडी अकेले नहीं जाएगी। कम से कम 2-3 को साथ लेकर जाएंगे मुर्दा घर।' वो कहते हैं न कि जब दिल में उम्मीदें जिंदा हों तो डर बहुत दिन तक साथ नहीं रहता।

कुछ ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की उस लड़की की है जिसके साथ 19 साल की उम्र में तात्कालीन बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी ने दुष्कर्म किया था। (साभार The Sunday Express)
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तो मार काट दिए जाते

आज उस लड़की की कहानी बिल्कुल जुदा है। 7 एस्कॉर्ट जवानों से घिरी दुष्कर्म पीड़िता ने अपने हक की लड़ाई 4 साल से ज्यादा लड़ी। आज उसका बदला हुआ रूप देख कर सभी हैरान हैं।

कमर में लटकती लाइसेंसी रिवॉल्वर और उसे बेइज्जत करने वालों के लिए जुबां पर गालियां उसकी पहचान बन चुकी है। अपने इस रूप पर उसका कहना है कि 'अगर हम ऐसे नहीं बनते तो काट मार दिए जाते।'

बीते माह  ही कोर्ट ने पुरुषोत्तम द्विवेदी को 10 साल जेल के साथ 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। 23 वर्षीय इस लड़की ने इस बार के पंचायत चुनावों में भी भागादारी लेने का फैसला किया है।

दीदी जल्दी चलो केस आया है

अपने साथ हुए दुष्कर्म के चार साल बाद हुआ हाव-भाव पूरी रह से बदल चुका है। कमर में लटकी रिवॉल्वर, जींस पैंट और गर्दन लिपटा हुआ गमछा ही अब उसकी पहचान है। ये लड़की अब गांव के विवादों को सुलझाती है।

ये लड़की जब शाहबाजपुर गांव के रास्तों से गुजरती है तो कुछ लोग इसे 'दबंग' कह कर बुलाते हैं तो कुछ लोग  'दीदी' दोनों जोड़ दें तो आज ये लड़की अपने गांव की दबंग दीदी हो चुकी है।

अपने माथे पर लाल रंग का टीका लगाए हुए ये दबंग दीदी, ताजा कटी हुई सुपारी चबाते हुए और सन ग्लासेज लगाए हुए बैठी हुई है और अचानक ही बाहर से आवाज आती है, 'दीदी केस आया है, जल्दी चलो'।

गांव करते हैं दबंग दीदी की इज्जत

जिस केस के बारे में उसे बुलाया गया है उसमें लोधिन पुरवा के दो किसान जमीन के एक हिस्से के लिए लड़ रहे हैं। दबंग दीदी को 7 जवानों के एस्कॉर्ट की सुरक्षा इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर मिली है।

शहबाजपुर गांव के लोग भी अपनी दबंद दीदी की मदद करने में कोई कमी नहीं रखते। अगर उन्हें अपनी इस दीदी को अपने घर बुलाना है तो वे अपनी गाड़ी भेजते हैं।

अब वो अपनी इस बात के बारे में पूरी तरह से विश्वस्त है कि शहबाजपुर और उसके आस पास के इलाकों में उसकी साख बन गई है इसलिए अब वो ये सोच रही है कि ये समय अब राजनीति करने का वक्त है।

वो कांग्रेस में जाने की सोच रही है। उसने बताया कि उसने रीता बहुगुणा से बात की है कि वो कांग्रेस में आना चाहती है और उसने कहा कि अगर पंचायत चुनावों में पार्टी उसे फंड दे सकती है तो और भी बेहतर होगा।

कोई नहीं आया बसपा से मिलने

उसने कहा कि जब वो अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी, उस वक्त बहुजन समाज पार्टी से कोई भी उससे मिलने नहीं आया था। यहां तक की जब वो जेल में थी तब भी कोई बसपा का कोई भी नेता उससे मिलने नहीं आया था।

समाजवादी पार्टी से उसे 2 लाख और कांग्रेस से 3 लाख रुपए की सहायता राशि मिली थी। उनके अपनी अधिकतम सहायता राशि को अपना घर बनाने में खर्च किया।

आज उसके एक कमरे के कच्चे मकान में फ्रिज,कूलर, डबल बेड, गैस चूल्हा है। दबंग दीदी बताती हैं वो धार्मिक इंसान हैं और हफ्ते में दो दिन व्रत रहती हैं वो भी केवल पानी पी कर।

गई थी काम करने, विधायक ने किया दुष्कर्म

बीते साल दबंग दीदी ने सबसे मंहगी खरीददारी की है और वो है उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर। जिसकी कीमत 1 लाख रुपए है। बताते चलें कि साल 2010 की 8 दिसंबर को वो तात्कालीन बसपा विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी के घर काम करने गई थी।

जिसके बाद 11 दिसंबर को बसपा नेता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 12-13 दिसंबर की रात को तात्कालीन विधायक ने उसके साथ फिर से दुष्कर्म करने की कोशिश की लेकिन वो बच निकलने में सफल हो गई।

14 दिसंबर को पुलिस ने उसे विधायक के घर में चोरी के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया। 24 दिसंबर को जब कोर्ट में उसकी पहली पेशी हुई उस दौरान उसने कोर्ट में कहा कि विधायक ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।
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जब कोर्ट ने सुनाई विधायक को सजा

फिर 1 जनवरी 2011 को बसपा ने विधायक को पार्टी से निलंबित कर दिया और उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दे दिया। जनवरी 13 को पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार कर लिया।

फिर 15 जनवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को रिहा करने का आदेश दिया और फिर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिया।

बीते माह 5 जून को तात्कालीन विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को सीबीआई की अदालत ने उन्हें सजा सुनाई।
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