फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्किन क्रीम के दुरुपयोग से बढ़ रहा त्वचा संक्रमण

Thu, 26 Nov 2015 06:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या आप जानते हैं कि त्वचा को सुंदर बनाने के चक्कर में अनजाने ही इसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये हो रहा है उन स्किन क्रीमों व लोशन से, जो स्टेरॉयड युक्त होती हैं।
विज्ञापन


भारत में बड़े स्तर पर लोग इनका दुरुपयोग कर रहे हैं। इन पर लिखी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने का ही परिणाम है कि इनकी वजह से त्वचा में सूजन, क्षति और रंजकता (पिगमेंटेशन) जैसी परेशानियां उभर रही हैं।

इसका सबसे ज्यादा असर चेहरे और कमर की त्वचा पर होता है। एक भारतीय डर्मेटोलॉजिस्ट ने इस खतरे की तरफ लोगों का ध्यान खींचा है। गुजरात के श्याम बी. वर्मा ने ‘बीएमजे’ पत्रिका में इस संबंध में लिखे अपने लेख में बताया है कि स्टेरॉयड युक्त क्रीमों के उपयोग से बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन


कॉरटिकोस्टेरॉयड्स, जिसे स्टेरॉयड भी कहा जाता है, एक दवा है, जो सूजन संबंधी और अन्य बीमारियों में उपयोग की जाती है। शोधकर्ता कहते हैं कि इनका दुरुपयोग करना ऐसे संक्रमणों को पैदा कर सकता है, जिनका पता लगाना और इलाज करना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन

जानकारी का अभाव बन रहा कारण

2013 में 2,926 त्वचा के रोगों से जूझ रहे मरीजों पर अध्ययन किया गया। इन कुल मरीजों में से 433 ने सामयिक (टॉपिकल) स्टेरॉयड का उपयोग किया था।

इनमें से 392 (90.5 फीसदी) लोगों पर स्टेरॉयड का नकारात्मक असर हुआ। श्याम वर्मा कहते हैं कि स्टेरॉयड के दुरुपयोग के लिए कई कारण हैं। उसमें एक सामयिक स्टेरॉयड का खुलेआम बिकना है और दूसरा, चिकित्सकों की लापरवाही जिम्मेदार है।

वर्मा कहते हैं कि भारत में ज्यादा त्वचा रोगों के विशेषज्ञ नहीं हैं। इस पर कुछ डॉक्टर स्टेरॉयड के पैक पर लिखे निर्देशों को अनदेखा कर इन्हें मरीजों को दे देते हैं। वही, लोगों के बीच इस संबंध में जानकारी का अभाव होना भी इसके दुरुपयोग को बढ़ावा देता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें