प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलंद शहर के गांव जटपुरा के मनजीत की दो बहनों की शादी के लिए ने 50 हजार की आर्थिक मदद भेजी है। मनजीत ने गरीबी और बेबसी का हवाला देते हुए 25 दिसंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भेजकर दो बहनों की शादी के लिए दहेज मांगा था।
मनजीत ने बाकायदा दहेज की सूची भी बनाकर प्रधानमंत्री को भेजी थी।
मनजीत पेशे से अध्यापक हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मदद के रूप में उन्हें 50 हजार रुपए भेजे और प्रधानमंत्री के दस्तखत के साथ एक पत्र भेजा, जिसमें दोनों बहनों को शुभकामनाएं दी गई थी।
मनजीत की चिट्ठी पर पीएमओ ने तुरंत की कार्रवाई
मनजीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले साल 25 दिसंबर को चिट्ठी भेजी थी। पत्र में उन्होंने लिखा था कि उनकी दो बहनें हैं, जो विवाह योग्य हैं लेकिन उनकी माली हालत ठीक न होने के कारण वे विवाह कर पाने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए बहनों की शादी के लिए पीएम मोदी दहेज उपलब्ध कराएं।
मनजीत ने दहेज की सूची भी पीएम को भेजे गए पत्र में नत्थी की थी। पांच जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मनजीत की माली हालात के बारे में पता करने को कहा था।
जिसके बाद जिला प्रशासन के पास एक पत्र आया। प्रशासन ने मनजीत की माली हालत का सर्वे कराकर रिपोर्ट यूपी सरकार को भेजी। शासन ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस प्रक्रिया के बाद मनजीत को पीएम मोदी ने 50 हजार रुपए का चेक और बहनों को आशीर्वचन की चिट्ठी भेजी है।
अमर उजाला ने मदद में किया सेतु का काम
डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि मनजीत के मामले को सबसे पहले अमर उजाला ने प्रकाशित किया था। इसके बाद मसला राष्ट्रीय चैनलों की सुर्खियां बना, इसलिए मदद का श्रेय अमर उजाला को अधिक जाता है।
जनवरी माह में केंद्र सरकार को राज्य सरकार के माध्यम से रिपोर्ट भेज दी थी। इसी आधार पर मनजीत को 50 हजार रुपए का चेक पीएम की तरफ से भेजा गया है। - बी चंद्रकला, डीएम
50 हजार रुपए का चेक भेजने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रगुजार हूं। 50 हजार की रकम कम है लेकिन पीएम से मिलने का प्रयास कर रहा हूं। - मनजीत, निवासी जटपुरा