गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को मद्रास यूनिवर्सिटी में होने वाले संबोधन कार्यक्रम को निरस्त करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
वहीं, मोदी की इस यात्रा के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वह यहां मद्रास विश्वविद्यालय के शताब्दी सभागार में 2013 के ननी पालकीवाला स्मृति व्याख्यान समारोह को संबोधित करेंगे। इस दौरान मोदी भाजपा नेता अरुण शौरी की किताब ‘सेल्फ डिसेप्शन : इंडिया चाइना पॉलिसीज’ का विमोचन भी करेंगे।
याचिकाकर्ता तमिझंडु मक्कल कात्ची के प्रेसीडेंट थांगा तमिझवेलन ने अपनी याचिका में कहा है कि मोदी अपने हिंदू कट्टरपंथ के लिए चर्चित हैं। इसलिए उन्हें यूनिवर्सिटी में संबोधन की इजाजत नहीं देनी चाहिए।
जिस तरह पूर्व में कुछ विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना से अमेरिकी इस्लामी विद्वान अमीना वादुद को यूनिवर्सिटी में संबोधन देने की इजाजत नहीं दी गई थी। वैसे ही मोदी को भी संबोधन की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
वहीं, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए करीब 5000 जवानों को विश्वविद्यालय और सभागार के आसपास तैनात किया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मोदी यहां कार्यालय के पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।