बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वो कभी भी प्रधानमंत्री पद की रेस में नहीं रहे और न ही कभी प्रधानमंत्री बनने का सपना ही देखते हैं। उन्होंन स्पष्ट किया कि वह इस होड़ में नहीं हैं।
उन्होंने साफ-साफ कहा कि गठबंधन के दौर में प्रधानमंत्री किसी बड़े दल का ही होना चाहिए और वह मनोनीत नहीं बल्कि मजबूत नेता होना चाहिए।
बकौल नीतीश, मैं प्रधानमंत्री पद का सपना नहीं देखता हूं। मौजूदा राजनीति गठबंधन आधारित है और यह दौर बना रहेगा। एक पार्टी की सरकार नहीं बनेगी और प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी किसी बड़े दल को ही संभालनी चाहिए।
गौरतलब है एनडीए घटक दल जद (यू) जहां एक ओर प्रधानमंत्री पद के लिए गोल-गोल बातें कर रही है तो दूसरी तरफ भाजपा में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की बात हो रही है, वही कांग्रेस में राहुल गांधी को लेकर चर्चा है। सपा नेता मुलायम सिंह यादव ने भी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के संकेत दिए हैं।
हालांकि नीतीश ने अभी किसी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की कोई घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद महत्वपूर्ण है, अत: जो नेता हो वही जिम्मेदारी संभाले न कि किसी दूसरे को इस पद के लिये नामित किया जाए, क्योंकि शक्ति का दो केंद्र नहीं होना चाहिए।