केंद्र ने सोमवार को मुजफ्फरनगर के दंगों को रोक पाने की नाकामी का ठीकरा उत्तर प्रदेश सरकार पर फोड़ा। साथ ही कहा कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार से जनता का भरोसा पूरी तरह से उठ गया है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार ने संभावित सांप्रदायिक दंगों के बारे में केंद्र की चेतावनी पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सिंह मुजफ्फरनगर के दंगा प्रभावित लोगों से मिलने गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को सांप्रदायिक तनाव के बारे में पहले ही चेता दिया था। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस बारे में मुख्यमंत्री से बात भी की थी लेकिन चेतावनियों को प्रदेश सरकार ने नजरअंदाज किया।
अखिलेश सरकार ने चेतावनी को अनसुना कर दिया। यहां तक चेताने के बावजूद सरकार जाट महापंचायत को भी रोकने में नाकाम रही। कानून और व्यवस्था प्रदेश का मामला है, इसमें केंद्र सीधे दखल नहीं दे सकता है।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि दौरे के दौरान दंगा प्रभावित लोगों ने प्रधानमंत्री और पार्टी नेताओं को बताया कि उनका सपा सरकार से भरोसा पूरी तरह से उठ गया है क्योंकि यह सरकार सुरक्षा उपलब्ध कराने और सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में विफल रही है।