उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ सरकार के प्रतिनिधि के रूप में आए राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हजारों मील दूर भी भारत की यूपीए सरकार के सामाजिक और समावेशी विकास के एजेंडे को अंतर्राष्ट्रीय सरोकार बना दिया।
पेरू के साथ चार क्षेत्रों में हुए समझोते के बाद भारत की ओर से संबोधित करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत में समग्र और समावेशी विकास पर सबसे ज्यादा जोर है।
उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से पेरू के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेरू की सरकार भी समावेशी विकास के लिए सक्रिय है। दोनों देश एक दूसरे के अनुभवों और मॉडल से सीख सकते हैं। प्रसाद के भाषण को सभी ने सराहा और जमकर तालियां बजीं।
जितिन प्रसाद की जगह राजदूत का नाम
पेरू और भारत के बीच समझौते के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई चूक को प्रतिनिधि मंडल की सदस्य सांसद रेणुका चौधरी के हस्तक्षेप के बाद सुधारा गया।
पेरू के व्यापार मंत्रालय के कार्यालय भवन में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पेरू की उपराष्ट्रपति और संस्कृति एवं व्यापार मंत्री के बैठने की व्यवस्था और उनके नाम की पट्टिका थी, लेकिन भारत के मंत्री जितिन प्रसाद की जगह पेरू में भारत के राजदूत मनप्रीत वोहरा के नाम की पट्टी रखी थी।
जैसे ही भारतीय प्रतिनिधि मंडल में शामिल सांसद वहां पहुंचे, रेणुका चौधरी की नजर मंच पर पड़ी। उन्होंने तत्काल विदेश मंत्रालय और दूतावास के अधिकारियों से इस पर एतराज जताते हुए जितिन प्रसाद को मंच पर बैठने की व्यवस्था करने को कहा।
हले तो प्रोटोकोल का सवाल उठाकर इस पर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई फिर बाद में राजदूत की जगह जितिन प्रसाद की पट्टिका लगी और उन्हें बिठाया गया।
पेरू भारत के साथ मुक्त व्यापार का इच्छुक
पेरू भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते का बेहद इच्छुक है। पेरू के सभी नेता और अधिकारी इसे लेकर बेहद आशान्वित हैं। वह चाहते हैं कि जिस तरह पेरू ने अमेरिका, चीन, जापान, मलेशिया, द.कोरिया और यूरोपीय संघ के देशों समेत 25 देशों से यह समझौता किया है। वैसा ही या उससे बेहतर मुक्त व्यापार समझौता वह भारत के साथ करना चाहता है।
इस आशय का प्रस्ताव पेरू ने उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान भी दिया। पेरू की नजर विशाल और समृद्ध भारतीय बाजार पर है, जबकि इसके बदले वह भारत के लिए अपने खनिज भंडार खोल सकता है।
भारत बनाए पेरू में मजबूत उपस्थिति
हजारों मील दूर दक्षिण अमेरिका के खूबसूरत देश पेरू में बमुश्किल सौ डेढ़ सौ भारतीय परिवार हैं। जिनमें ज्यादातर लीमा में हैं और या तो नौकरी करते हैं या अपना व्यवसाय करते हैं।
वह भारतीय चाहते हैं कि जिस तरह चीन, पेरू और लैटिन अमेरिका के दूसरे देशों में अपनी पैठ बढ़ाता जा रहा है, उसी तरह भारत भी पेरू में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराए और लैटिन अमेरिका के लिए पेरू को एक व्यापारिक हब बनाए।