भारत सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद देश में मानव तस्करी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामलों में पिछले एक दशक में 14 गुना जबकि 2013 के मुकाबले 2014 में 65 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
इन देशों से भी लड़कियों की होती है तस्करी
अन्य राज्यों के अलावा यूक्रेन, कजाखस्तान, उजबेकिस्तान, अजरबैजान, चेचेन्या, किर्गिजस्तान, नेपाल थाईलैंड, मलेशिया जैसे देशों से भी लड़कियों को लाया जाता है।
एक अनुमान के मुताबिक, हथियारों और ड्रग तस्करी के बाद मानव तस्करी पूरी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है।
बढ़ा मानव तस्करी का ग्राफ
हाल के वर्षों में तमिलनाडु से होने वाली मानव तस्करी का ग्राफ तेजी से ऊपर
गया है। पिछले पांच सालों में वहां से सबसे ज्यादा 2,756 लोगों को दोषी
ठहराया गया।
तस्करी रोकने के लिए करीब ढाई करोड़ रुपए हुए जारी
भारत ने गृह मंत्रालय के तहत एक नोडल सेल बनाया है और राज्यों में मानव तस्करी रोकने के लिए 2014 में करीब ढाई करोड़ रुपए जारी किए। लेकिन मानव तस्करी के आंकड़ों से लगता है कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।