दादरी में गाय का मीट खाने के आरोप में बिसाहड़ा गांव में 50 साल के इकलाखअहमद को पीट-पीटकर मार डालने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार से रिपोर्ट मांग ली है। जबकि बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि दादरी की इस दर्दनाक घटना के लिए आरएसएस-भाजपा के अराजक व अपराधी तत्वों से ज्यादा सपा सरकार दोषी है।
अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम खां ने इसके लिए भाजपा को दोषी ठहराते हुए कहा है कि पार्टी 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह की घटनाओं के जरिये ध्रुवीकरण का खेल खेल रही है।
लेकिन गौतमबुद्धनगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने इसे मामले को दुर्घटना करार दिया है और इसे सांप्रदायिक रंग न देने की हिदायत दी है। वारदात के बाद बिसाहड़ा में भारी सुरक्षा बल तैनात है लेकिन अखलाक का परिवार वहां रहने को तैयार नहीं है।
सपा सरकार भाजपा-आरएसएस से भी ज्यादा दोषी
बिसाहड़ा के दर्दनाक हादसे के बाद नाराज केंद्र सरकार की ओर से अखिलेश सरकार से रिपोर्ट मांगने के साथ ही मामले ने राजनीतक तौर पर तूल पकड़ लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अखिलेश सरकार से कहा है कि दोबारा ऐसा न हो। मंत्रालय ने जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि दोषियों को सजा दिलाने की कवायद तेज की जाए।
इधर, लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती ने इस मामले पर अखिलेश सरकार के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाते हुए कहा कि इकलाख की हत्या व उसके जवान बेटे को अधमरा कर देने का मामला शर्मनाक और दर्दनाक है। पुलिस की विफलता और सपा सरकार की बदतर कानून-व्यवस्था की दूसरी मिसाल और क्या हो सकती है।
मायावती ने कहा कि दादरी की इस दर्दनाक घटना के लिए आरएसएस- भाजपा के अराजक व अपराधी तत्वों से ज्यादा सपा सरकार दोषी है। पूरे प्रदेश में ऐसे सांप्रदायिक मुस्लिम-विरोधी तत्व सक्रिय होकर माहौल को खराब करने में लगे हैं और प्रदेश की सपा सरकार उन पर मेहरबान बनी हुई है।
अखिलेश सरकार न तो खुद कार्रवाई करती है और न ही अफसरों को करने देती है। सपा और अखिलेश सरकार का यह मानना है कि अराजकता, दंगा-फसाद, बलात्कार व हत्याओं के माहौल में ही वह जिंदा रह सकती है।
2017 से पहले कत्लेआम कराना चाहती है भाजपा : आजम खां
प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले बहुत बड़ा कत्लेआम कराने की कोशिश में है।
भाजपा ऐसा इसलिए चाहती है, क्योंकि मुजफ्फरनगर दंगे में उसका तजुर्बा कामयाब रहा है। आजम खां ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि गोश्त के लिए एक मुसलमान की हत्या करना बहादुरी नहीं है। अगर उन्हें असल बहादुरी दिखानी है, तो गोवा, पुडुचेरी और नगालैंड जाएं, जहां दुकानों पर खुलेआम गोश्त बिकता है।
घटना के बाद बिसाहड़ा में आतंक का माहौल है। भारी सुरक्षा बल के बावजूद इकलाख का परिवार वहां रहने को तैयार नहीं है। भारतीय वायुसेना में काम करने वाले इकलाख के बेटे सरताज ने दोषियों के खिलाफ सजा की मांग की है। उसने कहा है कि जो लोग गिरफ्तार हुए हैं उन्होंने मेरे पिता की हत्या की है।
मैं जानना चाहता हूं कि आखिरकार उन्होंने मेरे वालिद की हत्या क्यों की। उन्हें कड़ी से क़ड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि गांव का कोई भी शख्स आगे से इस तरह की घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न करे। इकलाख की पत्नी और बेटी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।