गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जमीअत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी के बयान से भाजपा गदगद है। पार्टी ने मदनी के बयान का स्वागत करते हुए इसे अल्पसंख्यकों की ओर से सकारात्मक कदम बताया है।
मदनी का बयान ऐसे समय आया है जब आगामी लोकसभा चुनाव में मोदी की भूमिका को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में मंथन चल रहा है।
भाजपा मान रही है कि मदनी का बयान इस बात का संकेत दे रहा है कि मोदी अब अल्पसंख्यक समाज में अछूत नहीं रह गए हैं। मदनी ने मोदी की कार्य प्रणाली की प्रशंसा कर कहा है कि कई कथित सेक्युलर राज्यों की तुलना में गुजरात के मुसलमान आर्थिक तौर पर ज्यादा खुशहाल हैं।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मदनी के इस बयान का स्वागत किया है। जबकि पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि भाजपा इसे बड़ा कदम मानती है। उन्होंने कहा कि मदनी ने मोदी की कार्य प्रणाली और शासन चलाने के तौर तरीकों की प्रशंसा की है।
मदनी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि कुछ समय पहले मोदी की प्रशंसा करने वाले गुलाम मोहम्मद वस्तानवी को देवबंद स्थित दारुल उलूम के कुलपति पद से बाहर करने में मदनी की ही प्रमुख भूमिका थी। वस्तानवी गुजरात से थे और उन्होंने भी मोदी की इसी तरह तारीफ की थी।