लोकसभा में बुधवार को सरकार को अपने ही एक सांसद से खरी खरी सुननी पड़ी। झारखंड के सांसद रविंद्र कुमार चौबे ने केंद्र की मध्यान्ह भोजन योजना को जहरीली भोजन योजना बताया और इसे बंद करने की मांग की।
इस दौरान चौबे का विपक्ष ने पूरा साथ दिया, मगर मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी बेहद नाराज हो गईं। उन्होंने मध्यान्ह योजना में कुछ जगहों पर हो रही गड़बड़ी के आधार पर पूरी योजना पर सवाल उठाने को गलत बताया।
उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप छात्रों को गर्म और ताजा खाना खिलाया जाता है।
प्रश्नकाल के दौरान सांसद चौबे ने कहा कि मध्यान्ह योजना के तहत गुणवत्ता पूर्व आहार उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। उन्होंने बच्चों के बीमार होने, मरने की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना अब जहरीली भोजन योजना बन कर रह गई है। चौबे ने लगे हाथ स्थिति सुधारने की व्यवस्था करने या इस योजना को बंद करने की मांग कर डाली।
इस दौरान चौबे को विपक्ष का भरपूर साथ मिला, जबकि स्मृति नाराज हो गईं। उन्होंने इस योजना का गुणगान करते हुए कहा कि इसके कारण स्कूलों में उपस्थिति बढ़ रही है।
उन्होंने सांसद चौबे से कहा कि महज एक दो घटनाओं के आधार पर पूरी योजना पर सवाल खड़ा करना अच्छी बात नहीं है।