बिहार के एक गांव के 350 से अधिक दलित अपने गांव को छोड़ कर चले गए हैं। यह गांव गया ज़िले के टेकारी प्रखंड का पुरा गांव है। इस गांव के लगभग सौ दलित परिवार लगातार मिल रही धमकी के कारण 25 सितंबर को गांव से पलायन कर गए।
पलायन करने वालों में से एक ग्रामीण लालजीत कुमार मांझी ने बीबीसी हिंदी को फ़ोन पर बताया कि एक हत्या के अभियुक्तों के परिजनों की ओर से दिए जा रहे धमकी के कारण वे सब गांव छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
घटना के संबंध में गया के ज़िलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बीबीसी को बताया कि ज़िला प्रशासन इन ग्रामीणों का विश्वास हासिल कर उन्हें गांव लौटाने के प्रयासों में जुटा है।
उन्होंने बताया कि हत्या के मुख्य अभियुक्त ऋषि शर्मा को शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया और गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। साथ ही गांव के दलित टोले में पुलिस चौकी के स्थापना को भी स्वीकृति दे दी गई है।
सूचना के मुताबिक़ 19 सितंबर की रात महादलित समुदाय के एक युवक अर्जुन मांझी की हत्या कर दी गई थी। हत्या का संबंध सहकारी समिति (पैक्स) चुनाव से जुड़ा बताया जा रहा है।