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शाह पहुंचे मुंबई, बनने लगे चुनावी समीकरण

Sun, 28 Sep 2014 08:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
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शनिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मुंबई पहुंचते ही महाराष्ट्र में चुनावी समीकरण बनना शुरू हो गया। भाजपा-शिवसेना गठबंधन के साथ रहे चारों छोटे दल अब भाजपा के साथ आ गए हैं।
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स्वाभिमानी शेतकरी संगठन, राष्ट्रीय समाज पार्टी और शिवसंग्राम ने पहले से ही भाजपा खेमे में थे। शनिवार को आरपीआई अध्यक्ष रामदास अठावले भी इस गठबंधन का हिस्सा बन गए। अठावले ने शिवसेना के उप मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव अस्वीकर करते हुए भाजपा के साथ आने घोषणा की।

भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद से अठावले शिवसेना के संपर्क में थे, लेकिन भाजपा के रणनीतिकार उन्हें अपनी ओर लाने की कोशिश में लगे हुए थे। दरअसल, अठावले केंद्र में मंत्री बनाने की मांग रहे थे। उनकी यह मांग राज्य भाजपा नेताओं के अधिकार क्षेत्र से बाहर था। इसलिए अठावले के भाजपा गठबंधन में शामिल होने की मुहिम कारगर नहीं हो पा रही थी।
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आखिरकार अमित शाह के आश्वासन के बाद अठावले ने भाजपा का साथ देने की घोषणा कर दी। अठावले ने कहा कि उन्हें आठ विधानसभा सीट और सत्ता में आने पर विधानपरिषद की दो सीटों के साथ ही केंद्र में मंत्री पद देने का आश्वासन मिला है।

मिशन 145 प्लस में जुटे शाह

अमित शाह शनिवार से मिशन 145 प्लस में जुट गए। उन्होंने मुंबई भाजपा कार्यालय वसंत स्मृति में चुनावों को लेकर पार्टी संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों और प्रभारियों के साथ बैठक की। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान मीडिया को भाजपा कार्यालय में नहीं आने दिया गया।

सूत्रों के अनुसार बैठक में शाह के अलावा महाराष्ट्र भाजपा प्रभारी राजीव प्रताप रूडी, ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, राधामोहन सिंह, पीयूष गोयल, पार्टी महासचिव विनय सहस्रबुद्धे, श्याम जाजू आदि शामिल रहे। शाह ने सभी नेताओं को चुनाव की अलग-अलग जिमेदारी दी और सभी को दिन में तीन बार रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया है।

मुंडे की बेटियों के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी शिवसेना
भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे और प्रीतम मुंडे के खिलाफ शिवसेना उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगी। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को यह घोषणा की। गौरतलब है कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यदि मुंडे की बीड लोकसभा सीट पर उनके परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़ता है तो एनसीपी उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

कांग्रेस ने हमारे साथ विश्वासघात किया: आजमी

महाराष्ट्र में कांग्रेस की ओर से सीटों का तालमेल करने और फिर वादे से मुकर जाने से सपा नेता अबू आसिम आजमी काफी खफा हैं। उन्होंने कांग्रेस को विश्वासघाती करार दिया है और जनता की अदालत में बदला लेने की बात कही है।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक आजमी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने हमारे सामने प्रस्ताव रखा था कि अलग चुनाव लड़कर वोट मत काटिए। बातचीत आगे बढ़ी तो वे हमें आठ सीट देने को तैयार हो गए। शुक्रवार दिन में कांग्रेस ने तालमेल की घोषणा कर दी, लेकिन देर रात वे गठबंधन से पीछे हट गए। पृथ्वीराज चव्हाण ने फोन कर बताया कि मैडम (सोनिया गांधी) नहीं मान रही है।

आजमी ने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में 288 में से 77 सीटों पर प्रत्याशी उतारना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस ने पहले गठबंधन कर और फिर नामांकन की अंतिम तिथि की रात वादे से मुकर कर हमें धोखा दे दिया। हम उम्मीदवारों तक पार्टी का एबी फार्म भी नहीं पहुंचा सके। इसका नतीजा यह हुआ कि हम चाहकर भी कई जगह उम्मीदवार नहीं दे सके।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन को कैबिनेट की मंजूरी

महाराष्ट्र में एनसीपी-कांग्रेस के 15 साल पुराने गठबंधन के टूटने और मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के इस्तीफा देने के बाद केंद्र में राष्ट्रपति शासन लगाने को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की सिफारिश को मुहर के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास भेजा गया है। मुखर्जी की मंजूरी मिलते ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। कैबिनेट के इस फैसले से तय हो गया कि अब राज्य में विधानसभा चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति में पहली बार बुलाई गई कैबिनेट की विशेष बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन टूटने के बाद वहां की सरकार अल्पमत में आ गई थी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था। इसके बाद राज्यपाल विद्यासागर राव ने राज्य के ताजा राजनीतिक हालातों पर केंद्र को रिपोर्ट भेजते हुए मौजूदा स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी।
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तुम्हारे लिए अखा हिंदुस्तान, हमारे लिए महाराष्ट्र भी नहीं: उद्धव

25 साल पुरानी दोस्ती टूटने के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे शनिवार को पहली बार भाजपा पर तीखा हमला बोला। उद्धव ने कहा कि भाजपा ने गठबंधन तोड़कर हिंदुत्व से नाता तोड़ा है। उसे देश कभी माफ नहीं करेगा।

मुंबई के रेसकोर्स मैदान में चुनाव प्रचार का शुभारंभ करते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनकर रहेंगे और 19 अक्तूबर को चुनावी नतीजे आने के साथ ही यह तय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तुम्हारे लिए अखा हिंदुस्तान है तो हमें महाराष्ट्र क्यों नहीं सौंप सकते।

भाजपा से सीटों पर खींचतान को लेकर उद्धव ने कहा कि शिवसेना गोदाम नहीं है कि जितनी और जहां की सीटें चाहो ले जाओ। शिवसेना ने पहले ही अपने कोटे की 18 सीट छोड़ दी थी। इसके बाद और सीट देना संभव नहीं था।

उद्धव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ज्यादा कुछ बोलने में सावधानी बरती, लेकिन यह याद दिलाना नहीं भूले कि जब गुजरात दंगे के बाद वे अलग-थलग पड़ गए थे तब शिवसेना उनके साथ खड़ी थी।
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