हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव हेतु परिसीमन की प्रक्रिया रोके जाने पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव पंचायती राज और निदेशक से स्पष्टीकरण देने को कहा है कि किस वजह से ग्राम पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण व परिसीमन की प्रक्रिया रोकी गई है। मामले की सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
चंदौली के राजेश कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों का चुनाव टालकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का चुनाव कराना चाहती है, इसलिए ग्राम पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया रोकी गई है।
याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याची का कहना है कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 7 नवंबर को समाप्त हो रहा है।