उत्तर प्रदेश के बागपत में ऊंची जाति की शादीशुदा लड़की को भगाने वाले प्रेमी को सुप्रीम कोर्ट ने निजी मुचलकेपर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रेमी और उसके परिवारवालों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। खौफजदा यह परिवार फिलहाल दिल्ली में रहने को मजबूर है।
अदालती निर्देश के तहत प्रेमी रवि कुमार और बागपत के पुलिस अधिकारी बुधवार को न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश हुए। चैंबर में हुई सुनवाई के बाद पीठ ने जेल में बंद रवि को निजी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि रवि को निचली अदालत से जमानत मिल गई थी लेकिन जमानती का जुगाड़ न हो पाने के कारण वह जेल में बंद था।
वह एनडीपीएस मामले में जेल में बंद था। परिवारवालों का कहना था कि रवि पर यह झूठा आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं रवि और उसके परिवार के सदस्यों पर बलात्कार का भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कारण परिवारवालों पर गिरफ्तारी का डर सता रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश को दोनों मामले की जांच करने का आदेश दिया है। हालांकि पीठ ने कहा कि बगैर उसकी इजाजत के चार्जशीट दायर नहीं की जाएगी।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल गौरव भाटिया ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि बागपत में इस मामले को लेकर कोई खाप पंचायत हुई थी।