इससे पहले पिंडरा के करखियांव में पीएम मोदी ने बनास काशी संकुल का शिलान्यास किया और काशी की 870.16 करोड़ की लागत से तैयार 22 परियोजनाओं का लोकार्पण और 1225.51 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। पीएम ने स्वामित्व योजना के छह लाभार्थियों को प्रमाणपत्र सौंपा और बटन दबाकर प्रदेश के 20 लाख परिवारों तक घरौनी प्रमाणपत्र का लिंक मैसेज से भेजा। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के दूध की शुद्धता पहचान का लोगो भी लांच किया। मंच पर आने से पहले पीएम मोदी ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी संवाद किया।
आने वाली पीढ़ियों का भविष्य प्राकृतिक खेती से सुरक्षित
पीएम मोदी ने कहा कि समय के साथ प्राकृतिक खेती का दायरा सिमटता गया, उस पर केमिकल वाली खेती हावी होती गई। धरती मां के कायाकल्प, हमारी मिट्टी की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए, हमें एक बार फिर प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ना ही होगा। उन्होंने विश्व में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की मांग का जिक्र करते हुए कहा, स्टार्ट अप सेक्टर से जुड़े युवाओं के पास नेचुरल फार्मिंग में अनेक संभावनाएं हैं।