मध्य प्रदेश के करीब 50 कांग्रेस नेताओं को इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के मामले पर जमकर सियासी पारा चढ़ा। जानकारी के अनुसार कांग्रेस के कई नेताओं को 13 से 21 फरवरी के बीच दिल्ली तलब किया गया है। पिछले सात साल के लेन-देन को लेकर नोटिस जारी किया गया है। इस पर सोमवार को विधानसभा में मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि आज यह जानकारी क्यों मांगी जा रही है? पांच साल पहले यह जानकारी क्यों नहीं मांगी गई। यह दबाव बनाने की राजनीति हो रही है। कांग्रेस के नेताओं को सरकार ब्लैकमेल कर रही है। कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा कितने भी नोटिस जारी कर ले, कांग्रेस का कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है। दबाव बनाने के लिए यह राजनीति की जा रही है।
वहीं, कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि रविवार को हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से झाबुआ में नर्मदा का पानी लाने का आग्रह किया था। शाम तक नोटिस आ गए। जब चुनाव आते हैं, तभी समन क्यों याद आते हैं? केंद्र सरकार सभी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। मध्य प्रदेश में बड़ी-बड़ी बातें की और शाम को आदिवासियों को पीटने का वीडियो सामने आ गया। हम महात्मा गांधी के लोग हैं। पीछे नहीं हटेंगे। जवाब देंगे। मुझे 21 फरवरी को बुलाया है, मैं जवाब दूंगा।
भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा ने इस पर पलटवार किया है। भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को नोटिस का जवाब देना चाहिए। नोटिस राजनीतिक द्वेष से नहीं दिए जाते। वहीं, हरदीप सिंह डंग ने कहा कि नोटिस का जवाब सबको देना ही चाहिए। कांग्रेस को आरोप लगाने और भड़काने के अलावा कोई काम नहीं आता है। मध्य प्रदेश में विकास के कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार अपना काम कर रही है। भाजपा प्रदेश की 29 में से 29 लोकसभा सीटें जीतने वाली हैं।