पहली बार ओबीसी को मिलेगा राजनीतिक आरक्षण
जम्मू। अन्य पिछड़े वर्ग के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उप राज्यपाल से सोमवार को मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रशासित प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय से जम्मू-कश्मीर में पहली बार अन्य पिछड़े वर्ग को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण मिलेगा तथा अन्य राज्यों की तरह इस समुदाय को भी तमाम लाभ मिल सकेंगे।
अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों ने प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनुसूचित जाति के पूर्व विधायकों के प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को राजभवन जम्मू में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दलित समुदाय के विकास, जन-कल्याण के अन्य विषयों के साथ प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे रखे।
प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर में तैनात दलित समुदाय के कर्मचारियों के लिए व्यापक स्थानांतरण रणनीति, आरक्षण कोटा में वृद्धि और जम्मू-कश्मीर में दलित समुदाय के लिए लोकसभा सीट के आरक्षण के मुद्दे भी रखे। उन्होंने केंद्रशासित प्रदेश में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित भूमि मालिकों के लिए मुआवजे; पीओजेके शरणार्थियों, विस्थापितों और पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थियों को भूमिस्वामित्व अधिकार और पीएम किसान सम्मान निधि लाभ के विस्तार के मुद्दे भी उपराज्यपाल के सामने रखे।
उन्होंने अनुसूचित जातियों को सामाजिक न्याय, महिलाओं, युवाओं के सशक्तीकरण, कर्मचारियों की सुरक्षा, उनके हितों की रक्षा एवं दलित समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए प्रधानमंत्री व जम्मू-कश्मीर प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उपराज्यपाल ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान डॉ. केएल भगत, प्रो. जीआर भगत, नीलम लंगेह, कुलदीप कुमार पूर्व विधायक और धरमिंदर कुमार डीडीसी सदस्य उपस्थित रहे।