धरने में उपस्थित हिंदू संगठन के पदाधिकारी।
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इंदौर में शुक्रवार को हिन्दू संगठन के पदाधिकारी सड़क पर उतरे। सड़क पर ही हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन को चेतावनी भी दी। मामला देवस्थानों को हटाने से जुड़ा है, जिसके चलते यह धरना-प्रदर्शन हुआ। चेतावनी भी इस लहजे में दी कि अगर प्रशासन ने किसी देवस्थान को हाथ भी लगाया तो इंदौर की स्थिति नहीं संभाल पाओगे।
दरअसल, इंदौर के मल्हारगंज में शुक्रवार सुबह देवस्थान बचाओ समिति के साथ संत समाज और विहिप-बजरंग दल के कार्यकर्ता एकत्र हुए। सबने यहां धरना दिया और सड़क पर बैठकर ही हनुमान चालीसा का पाठ किया। इंदौर-धार विभाग संगठन मंत्री दीपक मकवाना ने कहा कि अगर नगर निगम या प्रशासन में हिम्मत है तो पहले सड़कों ओर फूटपाथ पर बनी मस्जिद मजारों को हटाए। इंदौर शहर के किसी भी देवस्थान को हाथ लगाया तो इंदौर की स्थिति नहीं संभाल सकोगे। विहिप औऱ बजरंग दल के साथ हिंदू समाज उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क कब्जा करने की नीयत से कुछ लोग मजार बना लेते हैं। पूछने पर कहते हैं कि पीर का है। प्रशासन को उनसे सवाल करने चाहिए। इंदौर में प्राचीन मंदिरों को हटाने का प्रयास हो रहा है लेकिन एक भी मजार नहीं हटाई गई। विकास के नाम पर सिर्फ मंदिरों को ही हटाया जा रहा है। क्या विकास में केवल हिन्दू का योगदान है, मुस्लिम का नहीं? विकास की रोड पर क्या केवल हिन्दू चलेगा? इस बात को सोचना चाहिए। इंदौर के चंदन नगर में 15 साल पहले सड़क स्वीकृत हुई लेकिन प्रशासन की हिम्मत नहीं हुई कि रोड बना सके। वहां घुस नहीं सके और मंदिरों में घुसकर डराते हैं, धमकाते हैं। संत समाज का अपमान करते हैं। अगर किसी भी मंदिर को हाथ लगाया तो हिन्दू समाज बड़ा आंदोलन करेगा।