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Horse Trading : 10 करोड़ में विधायक खरीद का ऑफर, अपहरण का केस... फ्लोर टेस्ट के पीछे का 'खेला' अब खुल रहा

Mon, 12 Feb 2024 09:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar Floor Test : बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार की सरकार के बहुमत साबित करने में जो खेला हो रहा था, वह अब जाकर खुल रहा है। खरीद-फरोख्त, धमकी, अपहरण तक का मामला पुलिस तक पहुंच चुका है। जांच शुरू हो गई है।
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विपक्ष का खेला नहीं चला, लेकिन उसका खुलासा अब हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार के बहुमत परीक्षण में क्या 'खेला' होने वाला था, सरकार चाहे तो अब वह खुलासा जल्दी करा सकती है। 14 दिन से चल रही कवायद में विधायकों की खरीद-फरोख्त से लेकर अपहरण तक का खेल चला। प्रलोभन की कीमत 10 करोड़ तक गई, ताकि सत्ता पक्ष के विधायक नहीं पहुंच सकें। यह सब भी दांव नहीं चल सका तो उठा लिया गया। यह मामला अब पुलिस के पास लिखित शिकायत के रूप में पहुंच चुका है। फ्लोर टेस्ट के एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल के विधायक चेतन आनंद के गुमशुदा होने का मामला पुलिस तक पहुंचा था और अब यह। इस बीच जनता दल यूनाईटेड की विधायक बीमा भारती ने देर से सदन पहुंचने के मामले में भी पुलिस को घसीटा है। बीमा के अनुसार, उनके पति और बेटे को मोकामा पुलसि ने गिरफ्तार कर लिया है।

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'अमर उजाला' की कई खबरों पर एक साथ मुहर
पटना के कोतवाली थाने में मधुबनी के हरलाखी से जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने जो लिखा, वह 'अमर उजाला' की कई खबरों की पुष्टि करता है। 28 जनवरी को जब सरकार पलट रही थी, तो हमने खुलासा किया था कि सरकार बचाने नहीं, तिकड़म कर बनाने का गणित तैयार हो रहा है। इसके बाद, खेला-खेला की चर्चा के दौरान ही हमने सामने लाया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त, यानी हॉर्स ट्रेडिंग की बात भी है। अब यह बातें जदयू विधायक सुधांशु शेखर की पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में सरकारी तौर पर दर्ज है। इसकी जांच की जा रही है और कॉल-लोकेशन से इसका तकनीकी मिलान भी किया जा रहा है।

आरोप नंबर 1: आरोपी इंजीनियर सुनील
दिनांक 09 फरवरी 2024 को रात 08:32 मिनट पर हाजीपुर से बहनोई रणजीत कुमार का मेरे मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। उन्होंने मुझसे कहा कि इंजीनियर सुनील आये हैं। आपसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने बात करते हुए कहा कि आप महागठबंधन के साथ आ जाइए। अभी पांच करोड़ दे देते हैं। बाकी पांच करोड़ काम होने के बाद देंगे। यह ऑफर नहीं मंजूर है तो मंत्री पद ले लीजिए। मैंने यह कहकर टाल दिया कि सोचकर बताएंगे। इसपर उन्होंने फिर कहा कि कहिएगा तो हम डेरा पर आ जाएंगे, किदवईपुरी पटना में ही रहते हैं।
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आरोप नंबर 2, आरोपी- नागमणि कुशवाहा और राहुल गांधी का कथित करीबी
दिनांक 10.02.2024 को सुबह 10:11 बजे पूर्व मंत्री नागमणि कुशवाहा के नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया कि अखिलेशजी आपसे बात करना चाहते हैं। जल्द ही संपर्क करेंगे। करीब एक घंटे के बाद 11:02 मिनट पर (+32460220333) नंबर दिखाते हुए इंटरनेट कॉल आया। बात करने वाले शख्स ने अपना नाम अखिलेश बताया और खुद को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का करीबी बताया। उसने कहा कि आप हमारे साथ आ जाइए। सारे डिमांड को पूरा करेंगे। फ्लोर टेस्ट में हमारे गठबंधन का सपोर्ट कीजिए।

आरोप नंबर 4, आरोपी- अज्ञात

मेरी जानकारी में जदयू विधायक निरंजन कुमार मेहता को भी खरीदने की कोशिश की गई। उन्हें नकदी प्रलोभन के साथ धमकी भी दी गई। 

 

आरोप नंबर 5, आरोपी- डॉ. संजीव कुमार, जदयू विधायक

जदयू विधायक बीमा भारती और दिलीप राय को डरा-धमका कर जबरन अगवा कर लिया गया, ताकि वह 12 फरवरी को विश्वासमत प्रस्ताव के दौरान पार्टी के खिलाफ वोट देने के लिए मजबूर हों। इन विधायकों के साथ हुए घटनाक्रम की जांच की जाए तो कई नेता-विधायकों की पोल खुल जाएगी। आशंका है कि जदयू विधायकों को हमारी ही पार्टी के विधायक डॉ. संजीव कुमार, तेजस्वी यादव के करीबी व राजद से जुड़े इंजीनियर सुनील और उनके अन्य सहयोगियों ने अपहरण को अंजाम दिया, धमकी दी और सरकार गिराने का प्रयास किया।

बीमा भारती हाजिर हुईं, कहानी दूसरी सुनाई

जदयू विधायक बीमा भारती के गायब होने की जानकारी सामने आ रही थी, हालांकि वह मीडिया में यह जानकारी भी दे रही थीं कि उनके पति अवधेश मंडल बीमार हैं। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बीमा भारती नहीं पहुंचीं। बाद में जब सरकार के अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बहुमत के आधार पर चौधरी पूर्व अध्यक्ष हो गए तो वह आयीं। उन्होंने कहा कि वह बीमार पति के साथ दो गाड़ियों में परिवार समेत पटना आ रही थीं कि मोकामा में पुलिस ने रोक लिया। उन्होंने बताया कि उनके पति और बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने में बैठा रखा है। 'अमर उजाला' के पास कई स्रोतों से सूचना पहुंची कि अवधेश मंडल को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि उनके पास हथियार हैं। 


बीमा की कहानी को मोकामा पुलिस ने नकारा

जब इस बारे में मोकामा थानाध्यक्ष के सरकारी मोबाइल पर सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसी किसी गिरफ्तारी की सूचना से भी इनकार किया। इधर, हरलाखी विधायक सिद्धार्थ की ओर से 11 फरवरी को थाने में पहुंची प्राथमिकी पर कोतवाली डीएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पूरे मामले के एक-एक बिंदु की जांच हो रही है। पुलिस ने किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। छानबीन के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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