पढ़ाई के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) में सेवा करना अब केवल प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं रहेगा। छात्रों को पढ़ाई में भी इसका लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इस संबंध में सभी विवि को पत्र भेजा है।
जिन विश्वविद्यालयों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम लागू है, वहां एनएसएस स्वयंसेवियों को क्रेडिट अंकों में फायदा होगा।
यूजीसी के फैसले के अनुसार अगर छात्र के दो सेमेस्टर के क्रेडिट अंक निर्धारित से कुछ कम हो रहे हैं तो एनएसएस प्रमाण पत्र के आधार पर छात्र को ग्रेस मिलेगा, ताकि वह तृतीय सेमेस्टर में पहुंच सके।
गढ़वाल विवि में एक सेमेस्टर में प्रति विषय तीन यानी कुल 18 क्रेडिट अंक होते हैं। द्वितीय सेमेस्टर से तृतीय में जाने के लिए दोनों सेमेस्टर के मिलाकर 18 क्रेडिट अंक होने चाहिए। यदि यह कम होते हैं तो एनएसएस स्वयंसेवी को इसमें ग्रेस मिल सकता है।
एनएसएस छात्रों के लिए और एनएसएस के प्रति प्रोत्साहन
के नजरिए से यह अच्छी बात है। एनएसएस छात्र को कैंप करना पड़ता है, जिस
दौरान उसकी पढ़ाई बाधित होती है। सहायता होने पर निश्चित तौर पर पास होने
में ज्यादा आसानी रहेगी।-डा. विनीत विष्णोई