देश के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप टाटा संस, अनिल अंबानी और कुमार मंगलम बिड़ला की इकाइयां उन 26 कंपनियों में शुमार हैं, जिन्होंने बैंक खोलने के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
अंबानी की रिलायंस कैपिटल ने जापान की सबसे बड़ी बीमा कंपनी निपॉन लाइफ इंश्योरेंस और सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट होल्डिंग्स के साथ मिलकर आवेदन किया है।
इसके अलावा सिटीग्रुप के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव विक्रम पंडित ने जेएम फाइनेंशियल से हाथ मिलाया है।
बैंकिंग लाइसेंस के आवेदन मिलने के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि कितनी इकाइयों को बैंक खोलने की इजाजत दी जाएगी, इसके लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है।
उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि संख्या को लेकर कोई सीमा तय की गई है। मेरे दिमाग में कोई संख्या नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने आवेदनकर्ता लाइसेंस के योग्य हैं। कोई आवेदन करता है, इसका यह मतलब नहीं कि वह योग्य आवेदनकर्ता है।'
चिदंबरम ने कहा, 'अगर आवेदन करने वालों में कम ही लाइसेंस के योग्य हैं, तो लाइसेंस भी कम दिए जाएंगे। मुझे नहीं लगता कि गवर्नर के दिमाग में कोई सीमा तय है।'
यह पूछने पर कि क्या भारत को बड़े बैंकों की जरूरत है या बड़ी संख्या में बैंकों की जरूरत है, तो वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों बातों के लिए गुंजाइश है।