मजबूत बहुमत के साथ केंद्र में आई मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगा दी है। पिछले कई साल से सुस्ती का शिकार रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को खासतौर पर अच्छे दिनों का इंतजार है। बुनियादी ढांचे की अटकी योजनाओं में तेजी आने से कंस्ट्रक्शन मशीनरी से जुड़ी जेसीबी जैसी कंपनियां को फायदा पहुंचेगा। भारत में कारोबार और भावी योजनाओं पर जेसीबी इंडिया के एमडी व सीईओ विपिन सोढ़ी से अजीत सिंह के सवाल-जवाब:
सवाल- नई केंद्र सरकार से आपको क्या उम्मीदें हैं? क्या कंस्ट्रक्शन मशीनरी उद्योग में सुस्ती का दौर अब खत्म हो सकता है?
नई सरकार से उम्मीद है कि वह महंगाई, आर्थिक विकास में सुस्ती और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर जूझ रही अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगी। इसके लिए 50 सबसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की पहचान कर तुरंत अमल शुरू कर देना चाहिए। अटकी परियोजनाओं की बाधा दूर होने से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। सरकार को खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार पैदा करने पर जोर देना चाहिए। जीडीपी में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी मौजूदा 16 फीसदी से बढ़ाकर २५ फीसदी तक ले जाने के लिए नेशनल मैैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी पर नए सिरे से सोच-विचार कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
सवाल- भारत को लेकर जेसीबी की क्या योजनाएं हैं? कंपनी आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में विस्तार करेगी?
हम भारत को अपने मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने में जुटे हैं। वर्ष २०१२ में जेसीबी ने जयपुर में ११५ एकड़ जमीन पर २ नए प्लांट लगाने का काम शुरू किया था, जिनका निर्माण अब अंतिम चरण में है। यहां अगले ५ साल में करीब ५०० करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। भारत को अपने डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने के लिए जेसीबी इन क्षेत्रों में निवेश करेगी। कंस्ट्रक्शन मशीनरी के अलावा जेसीबी कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।
सवाल- जेसीबी किन राज्यों में डीलर नेटवर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है किन राज्यों पर रहेगा?
हाल के वर्षों में जेसीबी ने अपने डीलर नेटवर्क का काफी विस्तार किया है। वर्ष 2006 में जेसीबी के देश भर में 200 आउटलेट्स थे, जिनकी संख्या अब 600 तक पहुंच गई है। इनके अलावा कंपनी ने 59 डीलर भी बनाए हैं। हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों की मांग को देखते हुए इन क्षेत्रों में डीलर नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा। हाल ही में जेसीबी ने अपने ऑरिजनल पार्ट्स की ऑनलाइन बिक्री भी शुरू की है।
सवाल- कंपनी के मशीनरी एक्सपोर्ट बिजनेस में किस तरह की ग्रोथ है?
भारत से जेसीबी का एक्सपोर्ट काफी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले तीन-चार साल में कंपनी का एक्सपोर्ट सालाना ८० फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। भारत में बनी जेसीबी की मशीनें अफ्रीका, मध्य-पूर्व एशिया और दक्षिण एशियाई देशों में बेची जा रही हैं। जबकि ब्राजील, ब्रिटेन और जर्मन में इंजन और कल-पुर्जों का निर्यात होता है। जेसीबी के अलावा दुनिया की कई दूसरी जानी-मानी कंस्ट्रक्शन मशीनरी से जुड़ी कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर चुकी है।
सवाल- क्या अगले एक साल के दौरान कंस्ट्रक्शन मशीनरी की मांग में इजाफा हो सकता है?
बेशक। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में गतिविधियों का सीधा असर कंस्ट्रक्शन मशीनरी की मांग पर पड़ेगा। एक बार अटके मेगा प्रोजेक्ट का रास्ता साफ होने और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिक्कतें हल होने से स्थितियां सुधरने लगेंगी। इसके अलावा ग्रामीण विकास से भी हमें काफी उम्मीदें हैं। ग्रामीण सड़क और सिंचाई योजनाओं से काफी मांग बढऩे की उम्मीद है।