मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि बीसीसीआई सचिव और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर डंडे के दम पर धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच करवाना चाहते हैं। लेकिन यह मुमकिन नहीं है कि शहीद परिवारों के परिजनों की भावनाओं को नजरअंदाज कर बल का इस्तेमाल कर मैच करवाया जाए।
सीएम ने कहा कि मैं और मेरी सरकार शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों का सम्मान करती है। हम अन्य टीमों के मैच के खिलाफ नहीं हैं। सिर्फ पाकिस्तान के साथ मैच का विरोध कर रहे हैं।
शनिवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर हिमाचल से हैं। उनके पिता प्रेम कुमार धूमल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में वे शहीदों के परिजनों से बात क्यों नहीं करते।
धर्मशाला में मैच के लिए तैयार नहीं शहीदों के परिजन
वहीं, धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच के लिए शहीदों के परिवार बिलकुल तैयार नहीं हैं। इन परिवारों ने राज्य सरकार से साफ कर दिया है कि वे धर्मशाला में मैच नहीं चाहते। कहा है कि पाकिस्तान टीम के पांव देवभूमि में किसी भी सूरत में नहीं पड़ने चाहिए।
बीसीसीआई को मैच कराना इतना ही जरूरी है तो एक मैच पाकिस्तान में ही करवा ले। अनुराग अगर सच्चे हिमाचली हैं तो शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के दर्द को समझें और अपना हठ छोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैच के आयोजन के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल को भेजना या न भेजना केंद्र सरकार का मामला है।
प्रदेश सरकार ने केंद्र से ऐसी कोई भी मांग नहीं की है। हिमाचल सरकार अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझती है। हिमाचल पुलिस शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों पर न तो लाठीचार्ज करेगी और न ही आंसू गैस छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला से उनकी बात हुई है।