1985 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी अमित खरे मानव संसाधन विकास और सूचना प्रसारण मंत्रालयों में सचिव रह चुके हैं। झारखंड के चाईबासा में 1990 के दशक में वह जिलाधिकारी थे। उनके कार्यकाल के दौरान ही चारा घोटाले का पर्दाफाश हुआ था।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अमित खरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया है। पूर्व नौकरशाह खरे पिछले महीने ही उच्च शिक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें दो साल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है।
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चाईबासा के डीएम रहते चारा घोटाले में लालू के खिलाफ की थी एफआईआर
पूर्व नौकरशाह 1985 बैच के झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी अमित खरे मानव संसाधन विकास और सूचना प्रसारण मंत्रालयों में सचिव रह चुके हैं। झारखंड के चाईबासा में 1990 के दशक में वह जिलाधिकारी थे। उनके कार्यकाल के दौरान ही चारा घोटाले का पर्दाफाश हुआ था।
बतौर जिलाधिकारी उनकी ही लिखाई एफआईआर पर चारा घोटाले की जांच शुरू हुई थी, जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा सहित कई शीर्ष नेता और अधिकारी दोषी पाए गए थे। लालू प्रसाद यादव तो हाल तक चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में रांची जेल में सजा काट रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशन में नई शिक्षा नीति 2020 बनाने और सूचना व प्रसारण मंत्रालय में रहते हुए डिजिटल मीडिया नियमों में बदलाव में भी अहम भूमिका निभाई थी।
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दो सिन्हा गए तो खरे आए
पिछले कुछ दिनों के दौरान पूर्व कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा व पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा ने पीएमओ में सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके हटने के बाद खाली हुई जगह पर ही अमित खरे की नियुक्ति की गई है।
पत्नी भी आईएएस
अमित खरे की पत्नी निधि खरे भी झारखंड कैडर की 1992 बैच की आईएएस हैं और फिलहाल केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में बतौर अतिरिक्त सचिव कार्य कर रही हैं।