खल रही नवजोत सिंह सिद्धू की कमी
भाजपा को इस समय नवजोत सिंह सिद्धू की कमी खल रही है। वे पूर्व में भाजपा के नेता रह चुके हैं, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह से विवाद के बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता बनकर उभरे हैं। वे अमृतसर से भाजपा के तीन बार सांसद (2004, 2007 उपचुनाव और 2009) भी रह चुके हैं। कथित तौर पर 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पारंपरिक सीट अमृतसर बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को दे दिए जाने से वे नाराज थे और इसी कारण बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया।
पार्टी नेताओं का मानना है कि अगर उनके जैसा व्यक्ति भाजपा के पास होता तो आज उसे एक लोकप्रिय चेहरे की तलाश में इस तरह हाथ-पांव न मारने पड़ते। पार्टी ने पंजाब की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला कर लिया है, लेकिन मजबूत चेहरा न होने के कारण उसकी पंजाब की लड़ाई कमजोर पड़ सकती है।
कौन-कौन आया
सोमवार दो अगस्त को शिरोमणि अकाली दल के एससी विंग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह भाजपा में शामिल हो गए। उनके साथ शिरोमणि अकाली दल के पूर्व उपाध्यक्ष चांद सिंह, शिरोमणि अकाली दल की महिला शाखा की पूर्व महासचिव अमनजोत कौर रामूवालिया, गुरदास पुर के शिरोमणि अकाली दल के पूर्व जिला उपाध्यक्ष बलजिंदर सिंह, पूर्व सरपंच गुरप्रीत सिंह शाहपुर, पूर्व पत्रकार चेतन मोहन और अन्य लोग भाजपा में शामिल हुए।