अभिभावकों के साथ
वहीं, दिल्ली सरकार ने कहा है कि एपीजे स्कूल के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हैं और ऐसे में वह फीस वृद्धि नहीं कर सकता। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि वे अभिभावकों के साथ खड़े हैं और किसी भी स्कूल को मनमानी फीस वृद्धि नहीं करने देंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि फीस वृद्धि पर बार-बार चेतावनी देने के बाद भी स्कूल ने फीस बढ़ाई, जिसके बाद उसके टेकओवर का निर्णय लिया गया।
क्यों हुई कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने 28 जुलाई को यह सूचना दी कि राजधानी में शेख सराय के एपीजे स्कूल (Apeejay School) को फीस न बढ़ाने को लेकर कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी स्कूल ने अपने यहां फीस बढ़ाई। स्कूल इसके लिए कोई उचित कारण भी पेश नहीं कर सका। लिहाजा, अब एपीजे स्कूल का प्रबंधन दिल्ली सरकार ने अपने हाथों में लेने का निर्णय कर लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए जारी पत्र को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मंजूरी मिल चुकी है और अब अंतिम सहमति के लिए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा जा रहा है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, इसके पूर्व एपीजे स्कूल के खातों की जांच की गई थी। शिक्षा निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि वर्ष 2018-19 के लिए स्कूल के पास 49.72 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। इसमें से 18.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद भी स्कूल के पास करीब 30.85 करोड़ रुपये बच रहे थे। ऐसे में स्कूल के पास फीस बढ़ाने का कोई कारण नहीं था। इसके बाद भी फीस बढ़ाने पर पहले उसे चेतावनी दी गई और उसके बाद उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई।