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फीस वृद्धि मामला: एपीजे स्कूल बोला- कोर्ट के आदेश के अनुसार ले रहे फीस, सरकार के टेकओवर का आदेश मिलते ही देंगे जवाब

Thu, 29 Jul 2021 02:35 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार के मुताबिक, इसके पूर्व एपीजे स्कूल के खातों की जांच की गई थी। शिक्षा निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि वर्ष 2018-19 के लिए स्कूल के पास 49.72 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। इसमें से 18.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद भी स्कूल के पास करीब 30.85 करोड़ रुपये बच रहे थे...
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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एपीजे स्कूल (Apeejay School) के प्रबंधन का अधिकार अपने हाथ में लेने के दिल्ली सरकार के निर्णय पर स्कूल ने हैरानी जताई है। स्कूल ने कहा है कि वह छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं वसूल रही है। छात्रों से वही फीस ली जा रही है जो कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया है। ऐसे में दिल्ली सरकार का यह निर्णय उन्हें अचंभित करने वाला है। हालांकि, स्कूल ने कहा है कि अभी तक उसे दिल्ली सरकार या उपराज्यपाल की तरफ से प्रबंधन को अपने हाथ में लेने से संबंधित कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। इस प्रकार का कोई नोटिस अगर उन्हें प्राप्त होता है तो वह उसका समुचित जवाब देंगे।

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बता दें कि एपीजे स्कूल के द्वारा फीस वसूली का मामला इस समय भी न्यायपालिका में लंबित है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि स्कूल इस दौरान 2017-18 में ली गई फीस के समान ही फीस वसूलने का अधिकार रखता है। स्कूल ने साफ किया है कि वह उसी स्तर की फीस इस समय भी चार्ज कर रहा है। ऐसे में ज्यादा फीस वसूली की बात समझ से परे है।

वहीं, प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार के एपीजे स्कूल के प्रबंधन का अधिकार अपने हाथ में लेने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रधान एसके भट्टाचार्य ने कहा कि स्कूल के प्रबंधन के टेकओवर का समाचार मिलने के बाद स्कूल से संपर्क किया गया। स्कूल ने बताया है कि वह कोई अतिरिक्त फीस नहीं ले रहा है और सब कुछ दिल्ली हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अंतर्गत ही चल रहा है। ऐसे में दिल्ली सरकार के इस निर्णय को उचित नहीं कहा जा सकता।
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एपीजे स्कूल की प्रिंसिपल रितु मेहता ने अभिभावकों से भी किसी दुष्प्रचार में न पड़ने की बात कही है। स्कूल ने कहा है कि वह अपने छात्रों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और वह सभी मानकों का पूरी तरह पालन करने के लिए भी तत्पर है।

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अभिभावकों के साथ

वहीं, दिल्ली सरकार ने कहा है कि एपीजे स्कूल के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हैं और ऐसे में वह फीस वृद्धि नहीं कर सकता। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि वे अभिभावकों के साथ खड़े हैं और किसी भी स्कूल को मनमानी फीस वृद्धि नहीं करने देंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि फीस वृद्धि पर बार-बार चेतावनी देने के बाद भी स्कूल ने फीस बढ़ाई, जिसके बाद उसके टेकओवर का निर्णय लिया गया।

क्यों हुई कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने 28 जुलाई को यह सूचना दी कि राजधानी में शेख सराय के एपीजे स्कूल (Apeejay School) को फीस न बढ़ाने को लेकर कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बाद भी स्कूल ने अपने यहां फीस बढ़ाई। स्कूल इसके लिए कोई उचित कारण भी पेश नहीं कर सका। लिहाजा, अब एपीजे स्कूल का प्रबंधन दिल्ली सरकार ने अपने हाथों में लेने का निर्णय कर लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए जारी पत्र को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मंजूरी मिल चुकी है और अब अंतिम सहमति के लिए इसे उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा जा रहा है।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, इसके पूर्व एपीजे स्कूल के खातों की जांच की गई थी। शिक्षा निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि वर्ष 2018-19 के लिए स्कूल के पास 49.72 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। इसमें से 18.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद भी स्कूल के पास करीब 30.85 करोड़ रुपये बच रहे थे। ऐसे में स्कूल के पास फीस बढ़ाने का कोई कारण नहीं था। इसके बाद भी फीस बढ़ाने पर पहले उसे चेतावनी दी गई और उसके बाद उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई।
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