दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त अजयराज शर्मा का कहना है कि दिल्ली में हिंसा का जो तांडव मचा है, वह शाहीन बाग से ही शुरू हुआ था। वहां पर लोगों को जमा नहीं होने देना चाहिए था। वहां पुलिस की एक कंपनी तैनात करते और लोगों को सड़क से हटा देते। उसके बाद चुनाव आ गए। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भड़काऊ बयानबाजी होने लगी।
नए पुलिस आयुक्त को लेकर शर्मा ने कहा, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि उन्हें लोगों का खोया हुआ विश्वास दोबारा से हासिल करना होगा। उन्हें भरोसा दिलाना पड़ेगा कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए है। पुलिस हर विकट परिस्थिति में उनके साथ है। ये विश्वास बहाली नए पुलिस आयुक्त के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।
उन्होंने बताया कि मैंने कई लोगों से सुना है कि मुस्लिम बाहुल्य कुछ इलाकों में पुलिस को गश्त नहीं करने दी जाती। ऐसा क्यों होता है, पता नहीं। मैं इतना कह सकता हूं कि मुस्लिम इलाकों में पुलिस को जरूर गश्त करनी चाहिए, चाहे उन्हें ये गश्त जबरन ही क्यों न करनी पड़े। वहां के लोगों को इसके फायदे बताएं।
इलाके के लोगों से बात करें। उन्हें अहसास दिलाएं कि हम आपकी सुरक्षा के लिए आए हैं। आपकी मदद के लिए पुलिस सदैव तैयार है। ऐसे तो किसी इलाके में कहां क्या हो रहा है, कोई आपत्तिजनक सामग्री तो जमा नहीं हो रही, ये पता ही नहीं चल पाएगा, इसलिए सभी इलाकों में पुलिस गश्त बहुत जरूरी है।