कोलकाता की उस दुखियारी महिला ने आखिरकार 25 साल की यातनाओं से छुटकारा पा ही लिया। लेकिन इस छुटकारे ने उसे हत्यारिन बना दिया। वो अपना ही सुहाग उजाड़ने की गुनहगार बन गई। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मामला शहर के गारफा इलाके का है। नस्कर पारा लेन की रहिवासी श्रेया चक्रबर्ती पर अपने पति शांतनु चक्रबर्ती को जान से मारने का आरोप है। चौकाने वाली बात ये भी है कि इस वारदात में उसकी सास यानी मृतक की मां का हाथ होने की भी बात कही जा रही है।
पुलिस को बताई आपबीती के मुताबिक महिला ने शादीशुदा जिंदगी के 25 साल प्रताड़ना में गुजार दिए। महिला का पति शराब का आदी था। महिला पति से मिली हर तरह की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सहती रही। लेकिन पति शांतनु ने अपने इकलौते बेटे को मारने की कोशिश की तो बचाव में आई मां ने पति को मार डाला।
वारदात इतने अचानक हुई कि महिला को पति की हत्या करने से पहले दो बार सोचने तक का वक्त नसीब नहीं हुआ।
किराएदार सुजित घोष के मुताबिक शांतनु चक्रबर्ती एक प्राइवेट फर्म में बतौर सेल्स कर्मचारी कार करता था। वो शराब पीने का इतना आदी हो गया था कि उसे नशा मुक्ति केंद्र तक भेजना पड़ गया था। लेकिन वो वहां से भी भाग गया। नशे के चक्कर में उसने अपनी नौकरी भी गंवा दी। वह तनाव की मरीज हो गया। हर रात वो नशे में धुत होकर घर आता था और अपने बीवी-बच्चे और बूढ़ी मां को पीटता था।
53 वर्षीय शांतनु दिन-ब-दिन हिंसक होता जा रहा था और परिवार चलाने के लिए जादवपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट श्रेया ने अंग्रेजी का ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया।