पुलिस विवेचना में लापरवाही का एक उदाहरण उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से मंगलवार को सामने आया। जब एक तीन साल का बच्चा पिता की गोद में जिला जज के सामने पेश हुआ। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट में आरोपी बनाकर उस पर गुंडा एक्ट तामील कर दिया। यही नहीं, डीएम के यहां से भी उसे अपराधी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
लेकिन मामला यहीं रुक जाता तो भी गनीमत थी। सीओ इकौना ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामले की जांच की और घटना की पुष्टि करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। अब पूरे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। न्यायालय ने 11 जून की तारीख नियत कर पुन: उसे तलब किया है।
गिलौला के कटहा पंचायत के निबिहनपुरवा गांव में 14 अक्टूबर 2017 को दो पक्षों में वाद विवाद हो गया था। इस पर गांव की बिटाना देवी ने गांव के ही ननकू व मल्ला (3) पुत्र विद्याराम जायसवाल पर गाली व अनुसूचित जाति एवं
अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज करने की तहरीर दी थी।
इसकी जांच के बाद गिलौला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। जांच तत्कालीन सीओ इकौना ने की। जिसमें शिकायत की पुष्टि भी की गई। इस पर सीओ ने मल्ला के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में भेज दिया।