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शादीशुदा प्रेमिका की ख्वाहिश की बलि चढ़ गया मासूम

Wed, 09 Mar 2016 12:29 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर

सार

  • शादीशुदा प्रेमिका की ख्वाहिश पूरी करने के लिए 3 महीने के मासूम को अगवा किया
  • प्रेमिका ने बच्चे को गोद लेने से मना किया तो प्रेमी ने मासूम की हत्या कर दी
  • सीसीटीवी में कैद तस्वीरों ने वारदात की हकीकत से पर्दा उठाया
  • दबोचे गए आरोपियों में शादीशुदा महिला और उसका पति भी शामिल
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दबोचे गए हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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प्रेमिका को एक बच्चे की ख्वाहिश थी। प्रेमी किसी और के बच्चे को अगवा कर लाया। प्रेमिका ने दूसरे के बच्चे को अपना बनाने से इन्कार कर दिया। प्रेमी ने अगवा किए बच्चे को जान से मार दिया। हत्यारे की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। 
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मासूम की हत्या का बेहद सनसनीखेज मामला यूपी के सहारनपुर का है। थाना जनकपुरी के खान आलमपुरा इलाके में तीन महीने के मासूम असद को अगवा करने के बाद उसे मौत की नींद सुला दिया गया। इस खुलासे से इलाका सन्न है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शादीशुदा प्रेमिका की ख्वाहिश पूरी करने के लिए मासूम को अगवा किया था।

महिला ने जब अगवा किए गए बच्चे को गोद लेने से मना कर दिया को आरोपी ने उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने मासूम का शव पुलिस चौकी के पास ही बड़ी नहर में फेंक दिया। दरिंदगी की ये पूरी वारदात सीसी कैमरे में कैद हो गई।
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मंगलवार को एसएसपी आरपीएस यादव ने हत्याकांड में मामले में गिरफ्तार किए तीन लोगों में से मुख्य आरोपी युवक और महिला के पति को मीडिया के सामने पेश किया। गिरफ्तार होने वालों में मुख्य आरोपी रायवाला के पिलखनतला निवासी हिमांशु, गौशाला निवासी संजय सैनी और उसकी पत्नी ममता सैनी शामिल हैं। 

घरवालों को धोखे में रखा, कहा 'सात माह की गर्भवती हूं'

किसी के लिए किसी का घर उजाड़ दिया - फोटो : demo
एसएसपी ने बताया कि बच्चे को दो मार्च की शाम खान आलमपुरा इलाके अगवा किया गया था। अगले ही दिन गंगोह रोड पर मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में मासूम की लाश बरामद हुई थी। 

एसएसपी ने बताया कि शहर के घंटाघर, नेहरू मार्केट सहित अन्य जगहों पर लगे सीसी कैमरे से ली गई फुटेज में सफेद एक्टिवा पर सवार युवक का चेहरा स्पष्ट होने के बाद पड़ताल के लिए लाइन मिल गई। पुलिस ने सीसी कैमरे में नजर आई एक्टिवा को ढूंढने के लिए कम से कम 251 दोपहियों का सत्यापन कराया। मुख्य आरोपी के हुलिया के आधार पर बड़ी मशक्कत के बाद उस तक पहुंचा गया। एक्टिवा पर हिमांशु नाम का आरोपी ही असद को ले जाते हुए दिखा।

हत्यारोपी हिमांशु शादियों में स्टाल लगाने का काम करता है। इसी काम में अक्सर साथ रहने वाले मंड क्षेत्र के ही गौशाला निवासी संजय उर्फ संजू सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी और ममता सैनी शामिल होते थे। 

हिमांशु के ममता सैनी से काफी नजदीकी संबंध थे। ममता की एक बेटी है लेकिन उसे एक बेटे की चाहत थी। इसका जिक्र हिमांशु के सामने किया तो उसने बच्चे के अपहरण का प्लान बनाया। 

हिमांशु ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया कि ममता ने उसे बताया था कि उसे एक बेटा चाहिए लेकिन उसे आगे संतान न होने का भ्रम है। ममता और उसके पति संजय ने हिमांशु से कहा कि वह उनके लिए किसी नवजात शिशु का प्रबंध कर दे। महिला ने अपने मायके और परिवार वालों को यह भी कह रखा था कि वह सात माह की गर्भवती है। इसलिए उसने हिमांशु से कहा था कि यदि नवजात मिल गया तो दो तीन महीने बाहर रहकर उसे अपना बच्चा बताकर दिखा देगी।  

असद को अगवा करने से पहले हिमांशु ममता को हर हाल में बच्चा दिलाने के लिए जिला महिला अस्पताल भी गया। वहां किसी नवजात को चुराने के प्रयास किया मगर सफल नहीं हुआ। इसके अलावा नेहरू मार्केट से लेकर अन्य जगहों पर की गई कोशिशें नाकाम रही।
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'पकड़े जाने के डर से बच्चे का मुंह दबाकर हत्या कर दी'

इंसानियत शर्मसार - फोटो : demo
सीसी कैमरे में जिला अस्पताल में बच्चे के लिए तलाश करता हिमांशु कैद हो चुका था। इन जगहों से असफल होने पर ही हिमांशु ने जल्दबाजी में तीन माह के मासूम को ही अगवा कर लिया। 

पुलिस के मुताबिक बेटे की चाह रखने वाले आरोपी दंपति बच्चे को लेने से ही इन्कार कर दिया, इसकी वजह ये बताई कि तीन माह का बच्चा था और इसे कोई भी आसानी से पहचान लेता। 

दंपति के इन्कार के बाद बच्चे को लेकर अगली प्लानिंग करने से पहले ही बच्चे ने रोना शुरू कर दिया। 

उसके रोने से पकड़े जाने के डर से बच्चे का मुंह दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसे मानकमऊ चौकी के पास बड़ी नहर में फेंक दिया। उसके कपड़े भी निकाल लिए ताकि उसकी जल्द पहचान न हो।
 
सीसी कैमरे की मदद से मुख्य आरोपी हिमांशु तक पहुंचने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की तो पहले तो उसने टीमों को खूब छकाया। कभी कहा कि उसके अंदर एक बड़े अफसर की आत्मा है। उन्होंने उसकी मदद भी की थी। कभी कहा कि ममता उसकी बहन है। कभी भाभी बताया। यह भी कहता रहा कि वह तो बच्चे को चॉकलेट खिलाने ले गया था। बाद में पुलिस के सख्ती से पूछताछ के बाद उसका सच सामने आ गया।
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